मेडिकल कॉलेज के एक नंबर पर्ची काउंटर के पास लगे लिफ्ट में दोपहर बारह बजे के करीब एक 15 वर्षीय किशोर फंस गया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। बाद में इलेक्ट्रिीशियन ने दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला। कॉलेज के लिफ्ट में लोगों के फंसने की यह एक महीने में तीसरी घटना है।
देवरिया जिले के भाटपाररानी निवासी जयप्रकाश का 15 वर्षीय बेटा सूरज शनिवार को लिफ्ट में फंस गया। वह कॉलेज में भर्ती अपने बड़े भाई चंदन को देखने आया था। साथ में इसका एक भाई रमेश भी था, जो सीढ़ियों से आ रहा था। वार्ड के बाहर खड़े होकर वह अपने छोटे भाई सूरज का इंतजार कर रहा था। इसी बीच लाइट चली गई। इससे सूरज लिफ्ट मे ही फंस गया। करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद भी जब वह बाहर नहीं आया तो रमेश लिफ्ट के पास पहुंचा। सूरज अंदर से दरवाजा पीट रहा था। उसके लिफ्ट के अंदर फंसे होने से की खबर से वहां अफरा-तफरी मच गई।
इसी बीच वहां पहुंचे एक कर्मचारी ने रमेश को डॉ. सतीश का नंबर दिया। उसने डॉक्टर को फोन करके मामले की जानकारी दी। साथ ही 100 नंबर पर भी इसकी सूचना दी। मौके पर चाभी लेकर पहुंचे इलेक्ट्रीशियन ने दरवाजा खोला, तब जाकर सूरज बाहर आया। वह कॉलेज प्रशासन को कोस रहा था कि लिफ्ट का कनेक्शन जेनरेटर से नहीं है। किसी दिन मरीज की जान भी जा सकती है।
एक महीने में लिफ्ट में फंसने की तीन घटनाएं
19 फरवरी : वार्ड नंबर तीन और सात के बीच लिफ्ट में एक घंटे फंसी रही कुशीनगर जिले की एक महिला।
05 मार्च : मेडिसिन ओपीडी के पास स्ट्रेचर ट्रॉली के साथ कुशीनगर की महिला मरीज भागमनि देवी लिफ्ट में फंसी।
12 मार्च : पर्ची काउंटर के बगल के लिफ्ट में फंसा देवरिया के भाटपार रानी का युवक सूरज।
दो दिन से ठप है डिजिटल एक्सरे
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तकनीकी खराबी से दो दिन से डिजिटल एक्सरे ठप पड़ा हुआ है, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। अब मरीजों का या तो सामान्य एक्सरे से जांच किया जा रहा है या फिर उन्हें जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही मशीन को ठीक करा लिया जाएगा।