बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले इंसेफेलाइटिस मरीजों के बेहतर इलाज के लिए 38.99 करोड़ रुपये की मांग की गई है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे संक्रामक सर्विलांस के महानिदेशक को प्राचार्य ने प्रस्ताव सौंपा है और इसे पीआईपी में शामिल करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने बायरोलॉजिस्ट की भी मांग की है, ताकि वायरस का गहनता से अध्ययन हो सके।
महानिदेशक डॉ. सत्यमित्र के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के इलाज का जायजा लेने पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने प्राचार्य के साथ बैठकर जरूरतों के बारे में पूछा और मंथन किया। प्राचार्य ने विभिन्न मदों में 38.9 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर उन्हें सौंपा है।
दवा और सर्जिकल उपकरणों के लिए पांच करोड 86 लाख, 40 हजार रुपये, पीडियाट्रिक विभाग के आईसीयू के लिए 25 लाख 70 हजार 576 रुपये, उपकरणों के लिए 74 लाख रुपये, कंप्यूटर एवं स्टेशनरी के लिए आठ लाख रुपये, वार्ड 12 के लिए छह करोड़, 20 लाख 42 हजार रुपये, स्टाफ नर्सों के लिए 6 लाख 72 हजार रुपये, इंसेफेलाइटिस के नोडल सेंटर के लिए 20 करोड़ 38.5 लाख रुपये और 100 बेड वार्ड के लिए 17 करोड़ 60 लाख 71 हजार रुपये की मांग की गई है।
अनुमानित लागत 37 करोड़ 99 लाख 20 हजार 121 रुपये की मांग की गई है। इसके अलावा वायरल डायग्नोसिस लैब के लिए बायरोलॉजिस्ट की मांग की गई है। उन्होंने इसके लिए पत्र लिखने को कहा है। बुधवार को पत्र भेजा जाएगा। आश्वासन मिला है कि बॉयरोलॉजिस्ट की तैनाती एनएचएम के तहत हो जाएगी।
- प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।