फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘जीवन में विकास के लिए गणितीय दृष्टि जरूरी’

Sat, 23 Jul 2016 08:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी में गणित विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी में उपस्थित लोग। - फोटो : Shivharsh Dwivedi
विज्ञापन
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के गणित व सांख्यिकी विभाग की ओर से परिसर में शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत हुई। ‘रीसेंट ट्रेंड्स इन मैथेमेटिकल साइंसेज’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी के पहले दिन विद्वानों ने बदले परिदृश्य में गणित की उपयोगिता पर सिर्फ गंभीर मंथन ही नहीं किया बल्कि जीवन में विकास के लिए गणितीय दृष्टि जरूरी बताई।
विज्ञापन


उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि प्रो. एसएस खरे ने कहा कि विज्ञान और तकनीक की कोई भी विधा तब तक चरमोत्कर्ष पर नहीं पहुंच सकती जब तक उसका गणितीयकरण न कर दिया जाए। गणितीय प्रशिक्षण से मनुष्य में अनुशासनात्मक, सांस्कृतिक और चारित्रिक मूल्यों के विकास में मदद मिलती है। साथ ही विश्लेषण की क्षमता का विकास भी होता है जो किसी भी सफलता के लिए बेहद जरूरी है।

विशिष्ट अतिथि प्रो. यूपी सिंह ने कहा कि यदि आप खुद में और समाज में बदलाव चाहते हैं तो गणितीय दूरदृष्टि के साथ कार्य करना होगा। आमंत्रित वक्ता प्रो. पंकज श्रीवास्तव ने अनियमित जीवनशैली के कारण मधुमेह का शिकार हो रहे व्यक्तियों के जांच में गणित की भूमिका बताई, साथ ही आकलन का तरीका भी बताया।
विज्ञापन


संगोष्ठी के पहले दिन कुल पांच आमंत्रित व्याख्यान और 25 शोधपत्र पढ़े गए। संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. एचएस शुक्ला ने की। स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष जेपी विश्वकर्मा और आभार ज्ञापन प्रो. वीएस वर्मा का रहा। संचालन प्रो. उमा श्रीवास्तव ने किया। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें