गोरखनाथ मंदिर के पास बुधवार को अतिक्रमण हटाया गया।
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नगर निगम ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर जाने वाले रास्तों से अतिक्रमण हटाए। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के 25 मार्च को गोरखपुर आगमन की तैयारियों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री इसी रास्ते से होकर मंदिर जाएंगे। कार्रवाई के दौरान नगर निगम ने जेसीबी चलाकर एक दर्जन से ज्यादा गुमटियां तोड़ डालीं, जबकि आधा दर्जन ट्रक सामान सीज कर लिया। नगर आयुक्त बीएन सिंह के नेतृत्व में चली कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने टीम को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी और उनकी सख्ती के कारण सभी पीछे हट गए।
गोरखनाथ मंदिर के गेट के सामने कुछ दुकानदारों ने टेंट, बांस और टिन शेड लगाकर दुकानों को आगे बढ़ा लिया था। टीम ने इन सभी को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण रोधी टीम को देखकर दुकानदारों में अफरातफरी मच गई। कार्रवाई देख कुछ ने खुद ही सामान अंदर रखने शुरू कर दिए। टीम यहां से धर्मशाला, पुलिस लाइंस, कार्मल रोड, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तक कार्रवाई को अंजाम देती गई। कार्मल रोड पर वाटर पंप की दीवार से सटाकर ढाबा चलाया जा रहा था, उसे भी जेसीबी ने मलबे में तब्दील कर दिया। नगर आयुक्त ने दुकानदारों को दोबारा अतिक्रमण करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
दुकानदारों ने जताया रोष
दुकानदार रीना, संदीप, गोहूराम का कहना था कि उन्हें सड़क पर ला दिया गया। ये दुकानें ही उनकी रोजी रोटी का साधन थीं। नगर निगम कार्रवाई से पहले उनकी रोजी रोटी का इंतजाम करता तो कोई परेशानी नहीं थी। लेकिन उन्हें सामान समेटने का समय ही नहीं दिया गया।