सांसद महंत आदित्यनाथ ने सेक्युलरिजम के नाम पर राष्ट्र की सुरक्षा एवं संप्रभुता के साथ खिलवाड़ पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होने कहा कि जो लोग देश की सुरक्षा, संविधान और आस्था से खिलवाड़ कर रहे लोगों के साथ सख्ती से निपटने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेक्युलरिज्म के नाम पर हिंदू और भारत विरोधी तत्वों को बेनकाब किया जाए।
महंत आदित्यनाथ ने जेएनयू में अफजल गुरू के समर्थन में नारेबाजी पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जेएनयू में अफजल के समर्थन में छात्र यूनियन के नेतृत्व में जो घटना हुई, वह न केवल निंदनीय है, अपितु शर्मनाक भी है। भारत सरकार के अनुदान पर चलने वाले किसी भी शिक्षण संस्थान में ऐसी घटना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अफजल के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले तत्व न केवल देश द्रोह का कार्य कर रहे हैं, बल्कि आतंकवाद का समर्थन भी कर रहे हैं। ऐसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सांसद ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में योग्य एवं राष्ट्रभक्त नागरिक पैदा होने चाहिए, पर जेएनयू जैसे संस्थान में जो हो रहा है, वह उसकी विश्वसनीयता पर सवाल है। उन्होंने कहा कि इशरत जहां के बारे में हेडली का बयान देश की सेक्युलर राजनीति से पर्दा उठा देता है। साथ ही उसकी देश विरोधी गतिविधियों को भी उजागर करता है।