मगहर महोत्सव के लिए बजट मांग पत्र शासन को भेजने के निर्देश
समितियों के पुनर्गठन पर हुआ विचार-विमर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मगहर महोत्सव आयोजन समिति की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम रवीश गुप्त की अध्यक्षता में हुई। इसमें महोत्सव को सफल बनाने के लिए गठित प्रबंध कार्यकारिणी समिति सहित अन्य समितियों के पुनर्गठन पर विचार-विमर्श करते हुए अंतिम रूप देने तथा महोत्सव के आयोजन के लिए आवश्यक बजट का मांग पत्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
आगामी 12 जनवरी से 18 जनवरी तक महोत्सव आयोजित होना है। इसकी प्रथम तैयारी बैठक में निर्धारित एजेंडा के अनुसार सभी बिंदुओं पर विमर्श किया गया। डीएम ने मगहर महोत्सव में संत कबीर के जीवन और उनके आदर्शों से संबंधित प्रदर्शनी, स्थानीय कलाकारों, कवियों और साहित्यकारों से संत कबीर के जीवनदर्शन को जनसामान्य तक पहुंचाने पर जोर दिया। एडीएम रणविजय सिंह ने मगहर महोत्सव आयोजन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। कहा कि विचार गोष्ठियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, खेल-कूद, मेला एवं प्रदर्शनी, महोत्सव का संचालन एवं प्रचार-प्रसार, विधि व्यवस्था, आय-व्यय, स्मारिका की छपाई सहित महोत्सव में बिजली पानी, खान-पान एवं अन्य बिन्दुओं पर कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। 15 से 20 दिसंबर के बीच सभी कार्यकारी समितियों व सदस्यों से अपनी भूमिका निर्धारण करते हुए अवगत कराने को कहा।
बैठक में विभिन्न आयोजन समिति के सदस्यों ने मगहर महोत्सव के सफल संचालन के लिए विभिन्न बिन्दुओं पर अपनी राय रखी। आयोजन समिति के सदस्य पवन श्रीवास्तव ने महोत्सव की मंशा को स्पष्ट करते हुए संत कबीर के साखी, शबद, रमैनी, और ‘ढाई आखर प्रेम का’ जैसे मूल सिद्धांतों को बढ़ावा देने सहित कई बिंदुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। महंत विचार दास ने मगहर महोत्सव के सफल संचालन में सदस्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए भव्य आयोजन की कामना की। बैठक में एएसपी असित श्रीवास्तव, नगर पंचायत अध्यक्ष मगहर संगीता वर्मा, एसडीएम एसपी सिंह, एसडीएम प्रमोद कुमार, शिव कुमार गुप्ता, सुभाष चंद्र शुक्ल, राजेश वर्मा, नुरूज्जमा अंसारी, नासिर खान, शिवजी, जिया अंसारी, अवधेश सिंह, आदि मौजूद रहे।
कलाकारों का बकाया भुगतान कराने की उठी मांग
संतकबीरनगर। मगहर महोत्सव समिति के सदस्य पवन श्रीवास्तव ने बैठक के दौरान डीएम को अवगत कराया कि वर्ष 2009 में हुए महोत्सव का सिर्फ टेंट, प्रकाश आदि का भुगतान हुआ, लेकिन कलाकारों आदि का भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि इसका पैसा खाते में पड़ा है। कलाकार भुगतान की मांग लगातार कर रहे हैं। इसी तरह वर्ष 2014 में महोत्सव के लिए शासन से मिला 25 लाख रुपये लैप्स हो गया था। जबकि जनपद स्तर से उपभोग प्रमाण पत्र शासन को भेजा भी गया था। इसमें लापरवाह लोगों की जिम्मेदारी तय की जाए और पुन: पैसा मंगाकर संबंधितों को भुगतान कराया जाए। डीएम ने आश्वासन दिया कि पत्रावली मंगाकर देखेंगे और फिर उस पर जरूरी कदम उठाएंगे।