चुनाव प्रचार के अंतिम दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काली कमाई को बचाने के लिए यूपी में गठबंधन हुआ है। इनकी मंशा विकास पर ब्रेक लगाने की है लेकिन जनता समझदार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और काम पर देश की जनता मतदान कर रही है। प्रधानमंत्री बनने के लिए 272 लोकसभा सीटें जीतनी जरूरी होती हैं। जो लोग 72 सीट पर नहीं लड़ रहे हैं, वह प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बांसगांव लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कमलेश पासवान के समर्थन में कौड़ीराम तो गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रवि किशन के पक्ष में हरपुर बुदहट में जनसभा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजमगढ़ और गाजीपुर में बुआ-बबुआ के पार्टी कार्यकर्ता भिड़ गए थे। 23 मई को जब नतीजे आएंगे, तब बुआ-बबुआ की पार्टी में बवाल मचेगा। हार का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ा जाएगा। मारपीट की नौबत आएगी। इसी आशंका को देखते हुए पुलिस को अलर्ट किया है। यूपी की कानून-व्यवस्था दुरुस्त है।
यदि बुआ-बबुआ के पार्टी कार्यकर्ता भिड़ेंगे तो पुलिस अपना काम करेगी। शिवपाल यादव कह चुके हैं कि उनकी कोई बहन नहीं है, फिर भी बबुआ ने बुआ ढूंढ निकाला और स्वार्थ का गठबंधन कर लिया। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव वरिष्ठतम नेता हैं।
सपा को कैसे खड़ा किया, वही जानते होंगे। इसके बावजूद बुआ ने मंच से कहा कि सपा कार्यकर्ताओं को अनुशासन की सीख बसपा से लेनी चाहिए। यूपी में जब से भाजपा की सरकार बनी है, तब से भूमाफिया, अपराधियों की शामत आई है। गुंडों के लिए यूपी में दो ही जगह हैं। एक तो जेल और दूसरा राम नाम सत्य।