लोकसभा चुनाव 2019 में छठे और सातवें चरण के चुनाव को ध्यान में रखते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने बस्ती में जनसभा करते हुए सोमवार को भाजपा और कांग्रेस दोनो को निशाने पर लिया। जनसभा में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, आकाश, बस्ती प्रत्याशी राम प्रसाद चौधरी, संतकबीरनगर प्रत्याशी कुशल तिवारी के अलावा बसपा, सपा और राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारी मौजूद रहे।
गलत नीतियों के चलते केंद्र और प्रदेश से कांग्रेस गायब, वैसे ही नमो नमो की छुट्टी होनी तय
विरोधियों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा- बस्ती में लंबे समय तक केंद्र और प्रदेश की सत्ता में रहने वाली कांग्रेस अपनी गलत नीतियों के चलते सत्ता से दूर हो गई है। वैसे ही नमो नमो की छुट्टी होनी तय है। 2019 लोकसभा के लिए अभी तक हुए चुनाव में गठबंधन की बढ़त से भाजपाइयों के चेहरों से हवाइयां उड़ रही हैं। कागजी पिछड़े वर्ग के नरेंद्र मोदी को हटाकर जन्मजात पिछड़े राम प्रसाद को जीत दिलाएं।
बसपा सुप्रीमो मायावती सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में जनसभा को संबोधित कर रहीं थी। करीब एक घंटे की देर से जनसभा में पहुंची मायावती ने अपने 27 मिनट के भाषण में कांग्रेस और भाजपा सरकार को दलितों, किसानों, मजदूरों का विरोधी करार दिया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देश और प्रदेश की सत्ता में लंबे समय से रही कांग्रेस गरीबी, बेरोजगारी और किसान विरोधी नीतियों के चलते भीड़ ने सत्ता से दूर कर दिया। यहां तक कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जो अधिकार दलितों, आदिवासियों को दिया उसका लाभ भी नहीं दिया। दोनों पार्टियां जाति वादी, पूंजीवादी नीतियों की पोषक रहीं।
गरीबों, दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों को आगे बढ़ने नहीं दिया। दलितों को नौकरी में आरक्षण कोटा का आधा अधूरा लाभ दिया। चुनाव के समय घोषणापत्र जारी कर फिर लुभाने का काम कर रही हैं इसीलिए इनके दावों और जुमलों से सावधान रहें। कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने पूंजीपतियों, धन्ना सेठों को मालोमाल किया है। किसान दुखी है। उसकी फसल छुट्टा पशु नष्ट कर रहे हैं।
इसलिए सपा और बसपा के लोग एकजुट होकर गठबंधन प्रत्याशियों बस्ती से राम प्रसाद और संतकबीरनगर से भीष्म ऊर्फ कुशल तिवारी को जिताने का कार्य करें। बसपा स्थापना काल से ही घोषणापत्र जारी नहीं करती। लेकिन गठबंधन केंद्र की सत्ता में आएगी तो रुपये बांटने के बजाय सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों में स्थायी नौकरी देगी।
सबका साथ, सबका विकास जुमलेबाजी
भाजपा सरकार पर आक्रामक बसपा सुप्रीमो ने कहा कि गरीबों, पिछड़ों और दलितों के नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूंजीपतियों के चौकीदार हैं। जो अब गरीबों को लुभाने के लिए छह हजार देने की बात कर रहे हैं। 2014 के चुनावी घोषणापत्र में 15 से 20 लाख खाते में भेजने की हवा हवाई ही नहीं एक मजाक था। ऊपर से नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था चौपट कर दी। भ्रष्टाचार बढ़ा है यहां तक कि रक्षा सौदे भी भ्रटाचार से अछूते नहीं रहे।
सीमाएं सुरक्षित नहीं, मुसलमान डरे हैं
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा शासनकाल में भी कांग्रेस के समय जैसे आतंकी घटनाएं हो रही हैं। देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं। मुसलमान भय में जी रहे हैं। सेना के शौर्य को चुनाव में भुनाया जा रहा है। आरएसएस के लोगों की नीति साम, दाम, दंड, भेद से भाजपा को दोबारा सत्ता में लाना है। इन्हें एकजुट होकर रोकें। इसके लिए मतदान के दिन सुबह सबसे पहले मतदान करना होगा। वैसे चार चरण के चुनाव में गठबंधन को भारी जीत मिल रही है।