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ग्राउंड रिपोर्ट महराजगंज: नाम की लड़ाई में उलझे महारथी, सबके अपने-अपने दावे, जीत के अपने तर्क

Wed, 15 May 2019 03:48 AM IST
देव कश्यप संजय कुमार पांडेय, अमर उजाला, महराजगंज
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वर्ष 1991 में इस सीट से पार्टी को पहली बार जीत मिली थी। तब से सिर्फ दो बार उसे हार का सामना करना पड़ा है। 1999 में सपा और 2009 में कांग्रेस को जीत मिली थी। भाजपा उम्मीदवार पंकज चौधरी इस सीट से आठवीं बार मैदान में उतरे हैं। उन्हें मोदी लहर पर भरोसा है तो कांग्रेस उम्मीदवार सुप्रिया श्रीनेत न्याय योजना से उम्मीद लगाए हुए हैं। गठबंधन प्रत्याशी कुंवर अखिलेश सिंह दलित-यादव और मुस्लिम मतदाताओं के भरोसे मुख्य मुकाबले में हैं। लेकिन राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को लेकर मतदाताओं की अलग-अलग पसंद है। उनके अपने तर्क हैं।

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महराजगंज संसदीय सीट के अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें सदर, पनियरा, सिसवा, फरेंदा और नौतनवां शामिल हैं। जिले में 19 मई को मतदान होना है। चुनाव की तिथि नजदीक आते ही उम्मीदवार स्टार प्रचारकों के सहारे वोटरों को साधने में जुट गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 14 मई को जिले में होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई अन्य नेताओं की सभा भी प्रस्तावित है। कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी व कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की सभा करना चाहती है, जबकि गठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सभा कर चुके हैं।

इस सीट से पांच बार सांसद रह चुके भाजपा उम्मीदवार पंकज चौधरी की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। वे केंद्र, प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के भरोसे और मोदी फैक्टर के दम पर अपनी जीत पक्की मान रहे हैं। पिछड़ा वर्ग से होने के कारण उन्हें सवर्ण के साथ ही ओबीसी मतदाताओं के समर्थन की उम्मीद है। गठबंधन से सपा उम्मीदवार कुंवर अखिलेश सिंह वर्ष 1999 में सांसद रह चुके हैं। सपा-बसपा गठबंधन की वजह से उन्हें दलित-यादव और मुस्लिम मतदाताओं से उम्मीद है। पिछले चुनाव में दोनों पार्टियों को मिले मत के आधार पर उन्हें मुख्य मुकाबले में माना जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार की स्थिति भी अपेक्षाकृत ठीक मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि राजबब्बर और पी. चिदंबरम की सभा के बाद मतदाताओं का रुख कांग्रेस की ओर हुआ है। सुप्रिया श्रीनेत के पिता हर्षवर्धन दो बार इस सीट से सांसद रहे। उन्होंने 1989 में जनता दल और 2009 में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। क्षेत्र में आज भी लोग उनका सम्मान करते हैं। उनकी छवि के दम पर कांग्रेस मुख्य मुकाबले में बनी हुई है।

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'कांग्रेस में हर वर्ग का हित सुरक्षित'

पनियरा विधान सभा क्षेत्र के रजौड़ा खुर्द निवासी बक्शीश अली के मुताबिक कांग्रेस अच्छी पार्टी है। इसमें हर वर्ग की हित सुनिश्चित है। भाजपा धर्म के नाम पर आपस में बांटने का काम करती है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने यहां योग्य प्रत्याशी मैदान में उतारा है। गठबंधन पर भी भरोसा नहीं है। 

भाजपा का विकल्प नहीं
सदर विधान सभा क्षेत्र के गौनरिया राजा निवासी मनीष कुमार पांडेय ने बताया कि भाजपा का कोई विकल्प नहीं है। भाजपा सरकार ने बेहतर कार्य किया है। पीएम मोदी की बेदाग छवि है। वह भारत के मजबुत प्रधानमंत्री हैं जिन्होने दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। अन्य पार्टियों के पास कोई मजबुत नेता नहीं है। गठबंधन और कांग्रेस की नीति अच्छी नहीं है। 

गन्ना किसानों की समस्या जस की तस 
सिसवां विधानसभा क्षेत्र के बरवां द्वारिका निवासी योग प्रताप सिंह ने बताया कि महागठबंधन बेहतर है। गांव, गरीब, किसान, मजदूर के मुद्दे पर भाजपा फेल है। सिसवा विधान सभा में गन्ने की समस्या सरकार और यहां के सांसद की विफलता का प्रमाण है। पांच बार के सांसद के पास विकास के नाम पर वोट मांगने के लिए कुछ भी नहीं है, तो कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अभी राजनीति जमीन तलाश रही है। 

स्थानीय मुद्दे पर भाजपा फेल
नौतनवां विधान सभा क्षेत्र के पिपरा गांव के रहने दुर्विजय चौधरी ने बताया कि भाजपा की नीति तो ठीक है। लेकिन जनपद के स्थानीय मुद्दे पर भाजपा फेल है। यहां के सांसद ने बेहतर ढंग से विकास नहीं किया। वही गठबंधन और कांग्रेस भी विकास के मुद्दे पर कुछ खास नहीं कर सकी। हालांकी कांग्रेस की उम्मीदवार योग्य हैं। उनको मौका मिलना चाहिए। 
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आर्थिक रूप से देश मजबूत हुआ

फरेंदा विधान सभा क्षेत्र के फरेंदा बुजुर्ग गांव के रहने वाले कृष्णमोहन गुप्ता ने बताया कि भाजपा की सरकार ने सेना का हौसला बुलंद किया है। आतंक के खिलाफ कड़ा जवाब सरकार ने दिया। आर्थिक रूप से देश मजबुत हुआ। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा। अन्य दलों में ऐसी बात नहीं है। महागठबंधन के पास कोई नेता नहीं है तो कांग्रेस अभी अपना जनाधार मजबुत करने में लगी है। देश पीएम मोदी के हाथों में ही सुरक्षित रहेगा।

बड़े नेताओं की सभाएं तय करेंगी रुख
इस सीट पर भाजपा, कांग्रेस और गठबंधन प्रत्याशी के बीच मुख्य मुकाबला है। ऐसे में अंतिम दिनों में होने वाली बड़े नेताओं की सभाएं काफी कुछ तय करेंगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 14 मई को नौतनवां में जनसभा करेंगे। कांग्रेस और गठबंधन के स्टार प्रचारक जिले सभाएं कर चुके हैं। कांग्रेस उम्मीदवार प्रियंका गांधी की जनसभा कराने की कोशिश में हैं।

कुल मतदाता- 1884924
पुरुष - 1009571
महिला -874516
थर्ड जेंडर - 837

जातीय समीकरण
सवर्ण - 6 लाख
ओबीसी -8 लाख
दलित - 3 लाख
मुस्लिम- 1.57 लाख

वर्ष 2014 का परिणाम-
पंकज चौधरी - भाजपा - 471542 ( 27.06 प्रतिशत)
काशी नाथ शुक्ल - बसपा - 231084 (13.26 प्रतिशत)
कुंवर अखिलेश सिंह - सपा - 213974 (12.27 प्रतिशत)
हर्षवर्धन - कांग्रेस - 57193  (3.28 प्रतिशत)
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