पिपरहवा में मिले अलीमुद्दीन कहते हैं कि उनके गांव में अखिलेश सरकार ने बहुत काम कराए। पूरे गांव में रात में घूम लो, पैर में कचरा नहीं लगेगा। आरसीसी रोड बनाईं। गांव के सामने ही विश्वविद्यालय दिया, जिससे रोजगार के मौके पैदा हो रहे हैं। अब्दुल रसीद कहते हैं कि अखिलेश यादव ने युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर भी दिए हैं। इसलिए सपा की वजह से गठबंधन प्रत्याशी के साथ हैं।
गौरा बाजार में जाना : कौन-कहां
शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गौरा बाजार में चौबेजी की दुकान पर गर्मागर्म राजनीतिक बहस हुई। पंचगुलाम गौतम और ओमप्रकाश गौतम कहते हैं कि हमेशा से हाथी के साथ रहे हैं, अब पार्टी बदलने से क्या फायदा। संजय चौबे उनसे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। कहते हैं कि जब से मोदी सरकार आई है, गैस सिलिंडर लेने के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ती। सार्वजनिक निर्माण कार्यों में भी गुणवत्ता देखने को मिल रही है। विजय कुमार गौड़ स्वीकार करते हैं कि सुधार हुआ है। साथ ही कहते हैं कि लेखपाल और पंचायत सेक्रेटरी का भ्रष्टाचार तो कोई सरकार खत्म नहीं कर सकती। राजेंद्र चौधरी अभी दुविधा में हैं कि किस तरफ जाएं। कहते हैं समय आने पर तय करेंगे।
अब कैसे बदल दें पार्टी
बांसी विधानसभा क्षेत्र के ककरही चौराहे पर मिले फूलचंद यादव कहते हैं कि उनके गांव में उनकी जाति के काफी लोग भाजपा को भी पसंद कर रहे हैं। लेकिन, बहुतायत गठबंधन के साथ ही है। बुजुर्ग रामदेव लोधी और भग्गल लोधी कहते हैं कि वर्षों से भाजपा को ही वोट दे रहे हैं। अब कैसे बदल दें पार्टी।
युवाओं में मोदी ही मोदी
शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चिल्हियाबाजार चौराहे से 6-7 किलोमीटर की दूरी पर है कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. चंद्रेश उपाध्याय का गांव। चौराहे पर चाय की दुकान चलाने वाले राजकुमार गुप्ता कहते हैं कि यहां कांग्रेस को वोट मिलेगा। बढ़नी के प्रह्लाद पांडे कहते हैं कि उनके यहां तो कांग्रेस का कोई जोर नहीं दिखता। टक्कर सीधे भाजपा और गठबंधन में है। सेहूरा के ग्राम प्रधान नितीश मिश्रा, मनोज सिंह और योगेश शुक्ला भाजपा को जीतता हुआ देख रहे हैं। युवा रितेश पांडेय की मानें तो उनके इलाके में मोदी का ही नाम चल रहा है। बीएससी के छात्र शनि मधेशिया कहते हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक ने युवाओं को जोश में भर दिया है। वे भाजपा को ज्यादा ठीक मानते हैं।