नरकटियागंज पैसेंजर ट्रेन में बृहस्पतिवार की सुबह कस्टम की डीआरआई टीम ने 40 किलो चरस पकड़ी। जनरल कोच के शौचालय में छिपाकर चरस की यह खेप गोरखपुर लाई जा रही थी। टीम के पहुंचने पर तस्कर फरार हो गए। कस्टम की टीम छानबीन कर रही है। 20 दिन पहले भी इसी ट्रेन में 25 किलो चरस मिली थी।
डीआरआई (डाइरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) के आईओ सीएस आजाद बृहस्पतिवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर टीम के साथ पिपराइच रेलवे स्टेशन पहुंचे। नरकटियागंज से गोरखपुर आने वाली पैसेंजर ट्रेन (55041) के सुबह 10 बजे पहुंचने पर जनरल कोच के बाद शौचालय की तलाशी ली गई। पेचकस से छत में लगा स्क्रू खोलने पर सफेद पॉलीथिन में टेप से बांधकर रखे गए एक-एक किलो के 40 पैकेट मिले। इसमें चरस की पुष्टि हुई। कार्रवाई की जानकारी मिलने पर कप्तानगंज आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी आरपी सिंह पहुंच गए। टीम के साथ ट्रेन के अन्य कोच में छानबीन की लेकिन कुछ नहीं मिला।
पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि बेतिया के आसपास के एक व्यक्ति ट्रेन में झोला लेकर सवार हुआ था। मुखबिर ने चरस पिपराइच रेलवे स्टेशन पर उतरने की जानकारी दी थी। डीआरआई टीम के पहुंचने पर तस्कर फरार हो गए। आईओ सीएस आजाद ने बताया कि चरस को कब्जे में लेकर कार्रवाई की जा रही है। इसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये है।