जीडीए में बैठक करते राज्य निर्वाचन आयुक्त व अन्य।
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उत्तर प्रदेश में इसी महीने के अंतिम सप्ताह से लेकर जून के पहले सप्ताह तक नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। प्रदेश में दो से अधिक चरणों में चुनाव होंगे और आठ जुलाई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जीडीए सभागार में गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडलों की चुनावी तैयारियों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयोग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। परिसीमन और रैपिड सर्वे का काम पूरा हो चुका है। आरक्षण के लिए तकरीब सभी जिलों से रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। इसी महीने आरक्षण तय कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ नामुमकिन है। जो भी राजनीतिक पार्टियां या संगठन ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं। किसी के पास कोई प्रमाण नहीं है। ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित है और कोई भी इसमें गड़बड़ी नहीं कर सकता। एसके अग्रवाल ने कहा कि पूरे प्रदेश में एम-2 ईवीएम से चुनाव होंगे। इन ईवीएम के निर्माण 2006 से 2012 के बीच हुए हैं। इससे पहले एम-1 ईवीएम से चुनाव कराए जा रहे थे जो 2006 के पहले के बने हैं। बताया कि अब आगे जो चुनाव होंगे वे एम-3 ईवीएम से होंगे, जिन्हें तैयार किया जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के तीन बड़े नगर निकायों लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर में वीवीपैट का भी इस्तेमाल करने की तैयारी थी मगर भारत निर्वाचन आयोग ने वीवीपैट की संख्या कम होने का हवाला देते हुए असहमति जताई। बैठक में एडीजी ला एंड आर्डर आदित्य मिश्र, गोरखपुर कमिश्नर अनिल कुमार, कमिश्नर देवीपाटन एसबीएस रंगाराव, कमिश्नर बस्ती दिनेश कुमार सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी नीलाब्जा चौधरी समेत तीनों मंडलों के डीएम, एसएसपी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
निगम में ईवीएम, नगर पंचायतों में बैलेट पेपर से चुनाव
प्रदेश के सभी नगर निगमों में ईवीएम से और नगर पंचायतों में बैलेट पेपर से चुनाव होंगे। नगर निगम में प्रत्येक बूथ पर दो ईवीएम लगाए जाएंगे। एक महापौर और दूसरा पार्षद के लिए होगा। सभी जिलों में ईवीएम भेज दिए गए हैं।