अब पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी की रजामंदी के बाद ही बिजली महकमे के अफसर मोबाइल टावरों के कनेक्शन काट सकेंगे। दरअसल कनेक्शन कटने से नेटवर्क प्रभावित होने का असर उपभोक्ताओं पर पड़ने का हवाला देते हुए मोबाइल कंपनियों ने महकमे के उच्चाधिकारियों से मुलाकात की थी। चूंकि मामला आम उपभोक्ताओं का था लिहाजा महकमा मान गया और तय हुआ कि एमडी की अनुमति के बाद ही मोबाइल टावरों के कनेक्शन काटे जा सकेंगे।
अमूमन ज्यादातर मोबाइल टावरों पर बिजली का बकाया रहता है। ऐसे में जब भी बकाया वसूली को लेकर महकमा अभियान चलाता है तो बड़े उपभोक्ताओं के साथ मोबाइल टावर भी कार्रवाई की जद में आते हैं। कभी-कभी जिन मोबाइल टावराें पर ज्यादा बकाया होता है उनके साथ ही छोटे बकाये वाले मोबाइल टावरों के कनेक्शन भी काट दिए जाते हैं। ऐसे में मोबाइल कंपनियों के उच्चाधिकारियों तक सूचना पहुंचने तक और बकाया बिल जमा होने तक नेटवर्क प्रभावित रहता है, जिससे सबसे ज्यादा परेशान उपभोक्ता होते हैं।