जिला होम्योपैथिक चिकित्सालय में दवा खरीद घोटाला प्रकरण में शनिवार को नया मोड़ आ गया। इसे लेकर चिकित्सक दो गुटों में बंट गए हैं। अभी तक प्रभारी चिकित्सक डॉ. अनूप के बाद डॉ. शिवनारायण श्रीवास्तव के सामने आने के बाद जहां दवा घोटाले के आरोप को बल मिला था वहीं कुछ चिकित्सकों इसके विरोध में खड़े हो गए है। वह बैठक कर आरोप को झूठा और निराधार बता रहे हैं।
प्रभारी चिकित्सक डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. एसएस सिंह पर दवा खरीद में घोटाले का आरोप लगाया था। आरोप के बाद डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित हो गई और बयान के दौरान ही दवा खरीद कमेटी के सदस्य रहे डॉ. शिवनारायण श्रीवास्तव भी समाने आए और उन्होंने भी खरीद में घोटाला किए जाने की बात कही। अभी मामले की जांच चल ही रही है।
इसी बीच शनिवार को होम्योपैथ पद्धति से जुड़े कुछ प्रभारी चिकित्सकों ने बैठक कर इसकी निंदा कर दी है। उनका कहना है कि पद पाने के चक्कर में डॉ. अनूप इस तरह का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि डॉ. शिवनारायण क्रय समिति के सदस्य रहे तभी सारी दवाएं खरीदी गई हैं। क्रय रजिस्टर पर प्रस्तावना से लेकर उपसंहार तक डॉ. शिवनारायण स्वयं की हस्तलिखित है।
वहीं आरोप लगाने वाले डॉक्टरों का कहना है कि जांच को भटकाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। निष्पक्ष जांच हो सब सच खुद ही सामने आ जाएगा। यदि अफसर डॉक्टर या कर्मचारी को बुलाकर हस्ताक्षर करने को कहेंगे तो कौन नहीं करेगा?