शपथपत्र में जान जोखिम होने की दुहाई देने के साथ ही अफसर, मंत्री से चिरौरी कर किसी तरह शस्त्र लाइसेंस तो बनवा लिया मगर सालों से असलहा नहीं खरीद सके। अब जब ऐसे लोगों पर डीएम सन्ध्या तिवारी ने सख्ती की तो वे शस्त्र न खरीद पाने के भी तमाम बहाने बना रहे हैं।
इनमें कई के बहाने तो चौंकाने वाले हैं। बिना किसी गंभीर बीमारी के कोई खुद को महीनों से बीमार बता रहा है तो कोई साल भर से विदेश में प्रवास बता रहा है। शस्त्र न खरीद पाने के लिए कुछ ने बेटे-बेटी की शादी की वजह से रुपये खर्च हो जाने का तर्क दिया है तो कुछ व्यापार में नुकसान बताकर लाइसेंस बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
जिले में करीब 21 हजार शस्त्र लाइसेंस की जांच में तमाम ऐसे लोग पाए गए जिन्होंने लाइसेंस बनने के सालों बाद भी शस्त्र नहीं खरीदा। लाइसेंस बचाने के लिए लोग नवीनीकरण कराते रहे। इस बीच कभी सख्ती भी हुई तो संबंधित डीएम या सिटी मजिस्ट्रेट का तबादला हो गया और कार्रवाई वहीं थम गई। इस बार डीएम ने इसे गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर अब तक छह सौ लोगों को नोटिस भेजकर शस्त्र न खरीदने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक डीएम ने ऐसे सभी शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का मन बना लिया है। यही वजह है कि पहले तो लोग नोटिस को गंभीरता से नहीं ले रहे थे, मगर जब उन्हें सख्ती का अंदाजा हुआ तो डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के चक्कर लगाने लगे। काफी संख्या में लोगों ने नोटिस का जवाब भी दिया है मगर ज्यादातर के जवाब से प्रशासन संतुष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि सभी के जवाब आने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों के लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं।