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लेखपालों के खिलाफ सख्ती, जिलाध्यक्ष, मंत्री समेत 21 लेखपाल सस्पेंड, 12 और को नोटिस

Wed, 25 Dec 2019 10:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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धरना देते यूपी लेखपाल संघ के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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पखवारे भर से काम ठप कर हड़ताल पर रह रहे लेखपालों के खिलाफ सख्ती तेज हो गई है। मंगलवार को 21 और लेखपाल सस्पेंड कर दिए गए जबकि 12 और को सर्विस ब्रेक, नो वर्क नो पे का नोटिस दिया जा चुका है। जिले में अब तक लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठ दूबे और मंत्री जगदीश समेत कुल 27 लेखपाल सस्पेंड किए जा चुके हैं जबकि 581 को सर्विस ब्रेक का नोटिस दिया गया है।
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वहीं सख्ती देख करीब 25 लेखपाल काम पर लौट आए हैं। जिले में कुल 665 लेखपाल कार्यरत हैं जिनमें से 612 हड़ताल पर हैं। जो लेखपाल सस्पेंड हुए हैं उनमें सदर तहसील से सबसे ज्यादा 10, गोला से आठ, बांसगांव से पांच, कैंपियरगंज और खजनी तहसील के दो लेखपाल शामिल हैं। इनमें ज्यादातर जिले स्तर और तहसील स्तर के लेखपाल संघ के पदाधिकारी हैं।

संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठ दूबे और मंत्री जगदीश प्रसाद का कहना है कि लेखपाल, शासन-प्रशासन के दमनात्मक कार्रवाई से डरने और पीछे नहीं हटने वाले। जबतक प्रदेश नेतृत्व कोई फैसला नहीं लेता, उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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22 हजार प्रमाण पत्र, शिकायतों का निस्तारण लटका

गोरखपुर। दस दिसंबर से जिले के सभी लेखपाल कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। 15 दिनों से जाति, आय और निवास समेत कई तरह के प्रमाण पत्र समेत मुख्यमंत्री संदर्भ, राजस्व परिषद, कमिश्नर और तहसील दिवस के 22 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। सर्वाधिक परेशानी प्रमाण पत्रों को लेकर हो रही है। वहीं लेखपालों की हड़ताल की वजह से 23 दिसंबर से शुरू हुआ मतदाता पुनरीक्षण अभियान भी प्रभावित हो रहा है। जिले में 665 लेखपाल हैं और सभी मतदाता अभियान के सुपरवाइजर हैं।

कोट-
अब तक 27 लेखपाल निलंबित किए जा चुके हैं जबकि 581 को सर्विस ब्रेक और नो वर्क नो पे का नोटिस जारी किया जा चुका है। शासन ने एस्मा लागू कर रखा है। अगर लेखपाल जल्द काम पर नहीं लौटे तो कड़ी कार्रवाई होगी।- चंद्रशेखर मिश्र, सीआरओ

ये हैं लेखपालों की मांगें
वेतन विसंगति को ठीक करने, वेतनमान बढ़ाने, राजस्व निरीक्षक के पदों में वृद्धि, राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार पदों पर पदोन्नति एवं विभागीय परीक्षा के माध्यम से लेखपालों को अधिक अवसर प्रदान करने, पदनाम परिवर्तित कर लेखपाल के स्थान पर उप राजस्व निरीक्षक किए जाने, मोटर साइकिल भत्ता देने, पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थियों के सत्यापन के लिए पारिश्रमिक उपलब्ध कराना आदि।
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