लेखपालों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा
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विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों की कमिश्नर से वार्ता विफल हो गई है। उधर, डीएम ने लेखपालों को नोटिस जारी कर काम पर वापस आने की चेतावनी दी, लेकिन लेखपाल संघ गोरखपुर इकाई के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन मांगें माने जाने तक चलता रहेगा। शासन-प्रशासन तानाशाही कर उन्हें डरा नहीं सकता। मुख्य सचिव का अधिकारियों को बुलाकर धरना समाप्त कराने का निर्देश देना, लोकतंत्र में तानाशाही का परिचायक है।
मंगलवार को भी लेखपालों का धरना-प्रदर्शन नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में जारी रहा। इसमें महराजगंज में लेखपालों को धरनास्थल से हटाए जाने और कन्नौज में लेखपालों की सामूहिक गिरफ्तारी के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद कमिश्नर के बुलावे पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय सह मंत्री एवं मंडल सचिव धनंजय कुमार श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष नीलकंठधर दुबे, जिला मंत्री जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मिलने पहुंचा, लेकिन वार्ता विफल रही।
इस दौरान धनंजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि लेखपाल अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे हैं, लेकिन शासन उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रहा है। इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव, मोहम्मद जावेद खान, अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, नागेंद्र प्रसाद दुबे, प्रवीण पांडेय, दिनेश शर्मा, माधुरी त्रिपाठी, हेमंत शुक्ला आदि मौजूद रहे।