भूमि विवाद में खुद को आग लगाने वाली वृद्धा की मौत
चिल्लूपार (गोरखपुर)। बड़हलगंज के पदमलपार गांव में भूमि विवाद से आहत होकर खुद शरीर में आग लगाने वाली राजकुमारी (70) की मौत हो गई। पांच दिन से गंभीर हालत में उनका मेडिकल कॉलेज में इलाज हो रहा था। मंगलवार की सुबह महिला ने दम तोड़ दिया। घटना के पांच दिन बाद भी प्रशासनिक टीम मौके पर जाकर पड़ताल कर जमीन किसकी है, उसका फैसला नहीं कर सकी है। राजकुमारी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। उधर, मंगलवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद घरवाले शव लेकर एसएसपी आवास पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। सीओ कैंट रोहन प्रमोद बोत्रे के समझाने पर वे शांत हुए और फिर एंबुलेंस से शव को गांव भेजा गया।
26 जुलाई को विवादित भूमि पर विपक्षी की ओर से निर्माण कराए जाने से आहत होकर राजुमारी ने बेटों के साथ आत्मदाह करने का फैसला कर लिया। सभी ने केरोसिन अपने ऊपर डाल लिया। उसी बीच राजकुमारी ने अपने शरीर में आग लगा ली। पुलिस पहुंची, फिर राजकुमारी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उधर, इस घटना के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। मौके पर प्रशासनिक टीम नहीं पहुंची, जिससे यह पता चल सके कि जमीन का असली हकदार कौन है। घटना के बाद पुलिस मौके पर जरूर गई थी और निर्माण कार्य रुकवा दिया था। पुलिस ने इस मामले में चौकीदार रामधारी यादव की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ खुदकुशी की कोशिश करने की धारा में केस दर्ज किया है।
दो साल से विवाद, डीएम का आदेश भी बेअसर
राजकुमारी का दूसरे पक्ष से जमीन के लिए 2017 से ही विवाद चल रहा था। तहसील से थाना दिवस तक कई बार प्रार्थनापत्र भी पीड़ित परिवार दे चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जमीन पर काम रुकवाने के लिए पहले राजकुमारी ने पुलिस और अन्य अधिकारियों को फोन किया। जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने क्षुब्ध होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। इस मामले में 13 जुलाई 2018 को डीएम ने सीआरओ को जांच का आदेश दिया था। फिर सीआरओ ने एसडीएम गोला को पांच दिन में जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। इसमें उन्होंने साफ उल्लेख भी किया था कि लेखपाल ने नक्शे में खेल किया है, मगर उस आदेश का एक साल बाद भी पालन नहीं हो सका है।
विपक्षी ने भी दी थी तहरीर, जमीन को अपना बताया था
महिला के पड़ोसी दिनेश शुक्ल ने कहा कि विवादित भूमि पर कई लोगों का हिस्सा है। वह अपने हिस्से पर निर्माण करा रहे हैं। इसकी जानकारी पुलिस, प्रशासनिक अफसरों को भी है। बुजुर्ग महिला की भूमि दूसरी जगह है। मामले को विवादित बनाकर उन्हें परेशान करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए कोर्ट से स्थगन आदेश की झूठी कहानी सुनाई जा रही है।
डीएम आवास पर मुस्तैदी, एसएसपी आवास पर प्रदर्शन
पुलिस को सूचना मिली थी नाराज परिजन डीएम आवास पर शव लेकर आ रहे है। इसे लेकर पुलिस मुस्तैद भी हो गई थी लेकिन इसी बीच ग्रामीण शव लेकर एसएसपी आवास पहुंच गए और बाहर ही शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। बाद में पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन पर माने और वापस लौटे।