भू-अधिग्रहण से जुडे़ मुआवजा आदि के मामलों को लेकर अब पीड़ितों को बहुत परेशान नहीं होना पड़ेगा। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए गोरखपुर मंडल में ही ट्रिब्यूनल खुलेगा। हाईकोर्ट के आदेश पर इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी संबंध में शुक्रवार को प्रमुख सचिव राजस्व ने लखनऊ में बैठक बुलाई थी जिसमें यहां से एडिशनल कमिश्नर (प्रशासन) गिरिजेश त्यागी और सीआरओ भी शामिल हुए।
एक दिन पहले गुरुवार की शाम को ही यहां के जिला प्रशासन को इस बैठक के बारे में जानकारी दी गई थी। रात में ही प्रभारी कमिश्नर और डीएम संध्या तिवारी ने दोनों अफसरों को इस बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। उन्होंने ‘अमर उजाला’ को बताया कि ट्रिब्यूनल के संबंध में बैठक जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उसपर तत्काल होगा।
एडिशनल कमिश्नर के मुताबिक प्रदेश में 13 मंडलों में ट्रिब्यूनल खोला जाना है। मंडल मुख्यालयों पर खोले जाने वाले इस ट्रिब्यूनल में जिला जज स्तर के पीठासीन अधिकारी होंगे। साथ ही एक रजिस्ट्रार भी तैनात किए जाएंगे। हाईकोर्ट का आदेश है कि जल्द से जल्द इसकी शुरूआत हो जाए। यही वजह है कि शासन इसे लेकर इस कदर संजीदा है कि ट्रिब्यूनल के लिए जमीन तलाशने में वक्त लगने के अंदेशे से प्रमुख सचिव राजस्व ने फिलहाल किराये पर ही चार कमरे लेने का निर्देश दिया है। जगह की व्यवस्था के लिए प्रमुख सचिव राजस्व ने 15 दिन की मोहलत दी है। ऐसे में प्रशासन दो से तीन दिन में ही कमरों के लिए विज्ञापन निकालेगा।