कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने हर किसान को स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने का एलान किया है। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में स्वायल हेल्थ कार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए प्रदेश के हर जिलों में प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। 40 जिलों में डबल एस मशीन भी लगाई जाएगी। इससे मिट्टी का परीक्षण किया जाता है।
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) खोलने के लिए जमीन देने को कहा था लेकिन पिछली सरकार ने जमीन नहीं उपलब्ध कराई। इसके लिए 10 जिलों में जल्द ही जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। केवीके की मदद से किसानों को उन्नत प्रजाति के बीज, तकनीक से खेती-किसानी की सलाह दी जाएगी। लघु, सीमांत किसानों के कर्ज माफ कर दिए गए हैं। साथ ही खरीफ की फसलों का बीमा कराया जा रहा है। इससे प्राकृतिक आपदा से किसानों को अगर नुकसान हुआ तो उसकी भरपाई की जा सकेगी। खाद, बीज उपलब्ध हैं। इस पर छूट के लिए किसानों को जल्द ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उन्होंने दावा किया कि किसानों की आमदनी 2022 तक निश्चित ही दोगुनी हो जाएगी।
किसानों को न हो बीज, उर्वरक की कमी
कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ सर्किटहाउस में समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मंडल में आगामी फसल की बुआई के लिए किसानों को बीज उर्वरक की कमी न होने पाए। इसके लिए सभी अधिकारी अभी से तैयारी कर लें। किसानों का पंजीकरण बढ़ाने के लिए अधिकारियों को गांव-गांव जाने का निर्देश दिया।
उन्हाेंने संयुक्त निदेशक कृषि को निर्देश दिया कि आगामी फसल के लिए एजेंसी वार बीज एलॉटमेंट की सूची उपलब्ध कराएं, जिसमें यह उल्लेख हो कि जिले में किस एजेंसी को कितना बीज वितरण के लिए दिया जाएगा। मृदा परीक्षण के संबंध में जानकारी मांगी तो बताया गया कि मंडल में 2,68,278 किसानों के खेतों के मृदा परीक्षण के लिए नमूने लिए गए हैं, जिसमें अधिकांश को उसके परिणाम से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक वर्ष के भीतर 2 करोड़ 33 लाख किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा में खरीफ के बीमित किसानों के बारे में बताया गया कि 1,46,089 किसान बीमित किए गए हैं। उन्हें कृषि संबंधी लाभकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिक से अधिक जागरूक करने को कहा। मंत्री ने जिले के सात किसानों गनपत, नर्वदा, रूपलाल गुप्ता, नरसिंह, मोतीलाल, तथा नौतन साहनी को मृदा परीक्षण कार्ड वितरित किया।
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक कृषि, चारों जिलों के उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी और अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।