जन्माष्टमीपर रेलवे सुरक्षा बल के बैरक में सजी झांकी।
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भाद्रपक्ष अष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। सांस्कृतिक आयोजनों के बीच मध्य रात्रि का इंतजार हुआ। जैसे ही रात के 12 बजे, बधाई और मंगल गीतों से शहर गूंज उठा। समवेत स्वर में गूंजे बधाई गीतों ने समूचे माहौल में भक्तिभाव घोल दिया। पूरे दिन के उपवास के बाद प्रसाद वितरण के साथ भक्ति, उत्साह और उत्सव की जो त्रिवेणी बही, उसका सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
गुरुवार को शाम ढलते ही शहर के विभिन्न स्थानों और घरों में पहले से सजी झांकियां चमक उठीं। झालरों की चमक झांकियों को भव्य रूप देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही थी। जलकल भवन हर साल की तरह इस बार पूरे रौ पर था। शाम से ही सुंदर सजी झांकियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। श्रद्धालुओं के लिए की गई बैरिकेडिंग दर्शन में सहायता कर रही थी। उधर, गीता वाटिका के राधा-कृष्ण मंदिर में सजी जेल की आकर्षण झांकी देखने में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। यहां आरती के बाद षोडषोपचार विधि से पूजा-अर्चना की गई।
मंडलीय जेल में कैदियों की बैरक में जेल अधीक्षक आरके शर्मा की देखरेख में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। पुलिस लाइंस में झांकियों के बीच सांस्कृतिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी शिवसागर सिंह और एसएसपी रामलाल वर्मा आदि वरिष्ठ अधिकारियों ने पूजा-अर्चना कर भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा निवेदित की। रजही कैंप में भजन-कीर्तन का सिलसिला देर रात तक चला। आरपीएफ बैरक, स्टेशन रोड, आपीएफ लान दुर्गाबाड़ी आदि में जन्माष्टमी की खासी धूम रही। प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मोहद्दीपुर में सजी झांकी ने भी लोगों को खूब लुभाया। मोहद्दीपुर के गोपाल मंदिर में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की झांकी देखने के लिए देर रात तक लंबी कतार लगी रही।
जलकल भवन और पुलिस लाइंस में लगा मेला
हर बार की तरह इस साल भी जन्माष्टमी पर जलकल भवन के बाहर और पुलिस लाइंस में मेला लगा। झांकियां देखने पहुंचे लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। बच्चों का आकर्षण तरह-तरह के खिलौनों को लेकर था तो महिलाएं खानपान के स्टॉल पर ज्या्दा नजर आईं।
‘गोसेवा और गोचारण के गोपाल हुए कृष्ण’
नौसड़ स्थित पशु-पक्षी सेवाश्रम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लालचंद यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण ने गिरिराज पर्वत धारण कर इंद्र के कोप से गाय और गोपियों की रक्षा की और गोपाल कहलाए। भगवान ने गोवंश की महत्ता को लोकजीवन में प्रतिपादित व प्रतिष्ठित किया। पशुपालन विभाग के पूर्व उप निदेशक डॉ. आरबी लाल ने कहा कि गोदुग्ध अमृतमय है। इसमें कैरोटिन की प्रचुर मात्रा होने से मेधा शक्तिवर्धन की क्षमता होती है। कार्यक्रम में प्रहलाद गुप्ता, रमाशंकर शुक्ल, हरिशचंद्र पांडेय, वरुण वैरागी आदि मौजूद रहे।