धार्मिक आस्था के साथ मकर संक्रांति पर लगा मेला महिलाओं के लिए शॉपिंग प्लेस साबित हो रहा है। मेला परिसर में कंघी से लेकर, मोजे, कपड़े, कृत्रिम ज्वेलरी सहित शृंगार की कई दुकानें सजाई गई हैं। शनिवार को पहुंचीं अधिकतर महिलाएं मेकअप आइटम की खरीददारी करने में जुटीं थीं। उनके द्वारा चूड़ी, कंगन, बिंदी से लेकर अन्य जरूरत की चीजों की खरीदारी की गई। मेले में जगह-जगह फिक्स प्राइज की दुकानों पर रसोई, घर की सजावट और खिलौने भी सजाए गए हैं।
एक दाम पर मिलने वाली रसोई की चीजों में भी महिलाओं ने दिलचस्पी दिखाई। स्टील का चाकू, प्लास्टिक मग, ट्रे, छन्नी, टोकरी, कप, प्लेट, ग्लास, क्रॉकरी और स्टील के बर्तनों की दुकानों पर देर शाम तक काफी भीड़ जुटी रही। ये सभी सामान 25 रुपये की फिक्स प्राइज पर दी जा रही थीं। इसके अलावा बड़े आकार के यही सामान 45 रुपये फिक्स प्राइज में भी उपलब्ध है। इन्हीं आइटमों का तीसरा रेट 60 से 100 रुपये तक भी चल रहा था। इसी तरह से होजरी, डिजायनर घड़ी, फ्रॉक सूट, 200 रुपये में नगों से जड़े गले के हार, राजस्थानी चूड़ी, 300 रुपये के कड़े के जोड़े आदि भी महिलाओं को लुभाते रहे।
ड्रोन कैमरे से मंदिर की निगरानी
गोरखनाथ मंदिर में शनिवार को लगे खिचड़ी के मेले की सुरक्षा को लेकर पूरा सरकारी अमला लगा हुआ था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूसरे जनपदों से भारी संख्या में फोर्स मंगाई गई थी। सीसी टीवी कैमरे से निगरानी हो रही थी। चौकसी बरतने के लिए ड्रोन से पुलिस के अधिकारी मेले की निगरानी करते रहे।
मंदिर के निकट दिन में करीब 12 बजे एक वर्दीधारी दरोगा हाथ में रिमोट लिए पहुंचा। उसका एक साथी ड्रोन कैमरा लिए नीचे बैठा था। कुछ सेटिंग के बाद उसने रिमोट से ड्रोन को हवा में उड़ा दिया। ड्रोन कैमरा अब मेले में चारो तरफ घूमने लगा। रिमोट वाला दरोगा उस पर नजर लगाए हुए था।
महिला पुलिस कर्मियों की रही कमी
मकर संक्रांति पर सुरक्षा के लिहाज से उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टुकड़ी ने पूरी व्यवस्था की सारी कमान संभाल रखी थी। जगह-जगह पर तीन से चार पुलिस कर्मी संदिग्ध लोगों पर नजर रखे हुए थे। वहीं महिला पुलिस कर्मी एकाध जगह के अलावा न के बराबर नजर आईं। ऐसे में महिला श्रद्धालुओं का मार्ग दर्शन करने में कुछ दिक्कतें आई। जगह-जगह मंदिर के मुख्य द्वार पर एनसीसी के कैडेटों ने सेवा संभाल रखी थी जो श्रद्धालुओं का मार्ग दर्शन कर रहे थे।
वापस लौटे तो गायब मिले जूते-चप्पल
मंदिर में दर्शन करने पहुंचे आस्थावान वापस लौटे तो चप्पल और जूते नदारद मिले। मंदिर परिसर के सभी प्रवेश द्वार पर हजारों की संख्या में जूते, चप्पल, मोजे, मफलर, स्टाल, टोपी, पर्स आदि बिखरे पड़े थे। कुछ ने खोने की डर से अपने जूते-चप्पल को बांस के साथ बांध रखा था।
बच्चों ने जमकर की मस्ती
बच्चों के साथ घोड़ा-गाड़ी से लेकर कार और ऊंचाई वाले झूलों का युवाओं ने भी खूब आनंद लिया। स्कूल की छात्राएं कंधे पर बैग रखे ड्रेस पहने ही मेला घूमने निकल र्गइं थीं। सात से आठ के ग्रुप में आएं युवा खानपान के बाद हरेक झूला झूलने में मगन दिखे। मेले में बच्चों की तो मानों मौज रही।
दर्शन के बाद चटपटे का लुत्फ उठाया
मकर संक्रांति पर गुरु गोरक्षनाथ का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं ने खुद को भक्ति में सराबोर कर लिया। फिर लंबी-लंबी कतारों में घंटों इंतजार के बाद माथा टेकने का अवसर मिला तो वे धन्य हो गए। आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में चटपटे का खूब लुत्फ उठाया। समोसा, आलू टिक्की और पानी पुरी स्वाद लिया। वहीं चीनी और खोवे से भीगे स्वादिष्ट खाजा से भी चीभ को संतुष्ट किया। मेले में विशेष रूप से हरी और लाल रंग की किशमिश से सजे खाजा की दुकानें जगह-जगह लगी थीं। कुछ विक्रेताओं ने रेहड़ी पर भी खाजा लगा रखा था। खाजा के अलावा खानपान के अन्य कई स्टाल लगे थे। आलू टिक्की, समोसा, भठुरा छोला, आइसक्रीम, डोसा, पाव भाजी, मिठाई, पानी पुरी, मिक्सर, पुड़ी चना आदि चीजें मेले में अपनी महक बिखेर रही थी। मेले को देखते हुए खानपान से लेकर अन्य चीजों की कीमतें बाजार से थोड़ी कम थी। भक्ति से सराबोर होकर पहुंचे श्रद्धालुओं में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सहित हरेक वर्ग लोगों ने खानपान की चीजों का जमकर लुत्फ उठाया।
एनसीसी कैडेट्स ने संभाला मोर्चा
गोरखनाथ मंदिर में पुलिस, पीएसी के साथ ही एनसीसी कैडेट्स की भी ड्यूटी लगाई गई थी, जो पूरी मजबूती के साथ मोर्चा संभाले हुए थे। मंदिर के मुख्य द्वार पर तैनात कैडेट्स हर किसी की मदद को तत्पर दिखे। कतार लगवाने में इनका विशेष योगदान रहा। इसके अलावा महिला कैडेट्स महिलाओं को आने-जाने का रास्ता भी बता रही थीं। पूछने पर बताया कि बाबा की भक्ति के साथ ही उनकी ट्रेनिंग भी बढ़िया ढंग से हो रही है।
लाखों का हुआ कारोबार
मंदिर परिसर में भले ही किसी ने सोना-चांदी, फ्रिज, टीवी जैसा बड़ा सामान नहीं खरीदा हो। मगर मिठाई, चाट-पकौड़े, बेडशीट, बर्तन, पूजा-पाठ की सामग्री और मेकअप की दुकानों से करीब लाखों का कारोबार हुआ। सहजनवां से पहुुंचे राजकुमार गुप्ता ने मेले में चाट-पकौड़े की दुकान लगा रखी है, बताया कि एक महीने तक कमाई ठीक-ठाक होगी। इसके बाद वह लौट जाएंगे। बताया कि उनकी आमदनी तीन गुनी बढ़ गई है।
संदिग्धों की हुई तलाश
मंदिर परिसर के भीतर आने वाले हर शख्स पर खुफियां एजेंसियों की नजर रही। सादी वर्दी में टहल रहे जवानों और पुलिसकर्मियों ने कईयों की तलाशी ली। दोपहर में भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मी और खुफिया एजेंसियों के जवान अलर्ट हो गए थे। बैग चाहे छोटा हो अथवा बड़ा, उसे खुलवा कर एक-एक सामान चेक कर रहे थे। खुफिया एजेंसियों के जवानों ने बताया कि केवल संदिग्ध लोगों को ही परेशानी उठानी पड़ रही है।
सेल्फी लेने से नहीं चूके
मंदिर परिसर के समक्ष ऊपर उठ रहा फव्वारा अपने पूरे उफान पर था, जिसकी खूबसूरती देखते ही बन रही थी। वहां पहुंचने पर युवा अपने स्मार्टफोन से सेल्फी लेने से नहीं चूक रहे थे। हर कोई मंदिर को फव्वारे के साथ खुद को भी अपने फोन में कैद कर रहा था। युवाओं में गजब का उत्साह देखा गया।