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गोरखनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब

Sun, 15 Jan 2017 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : Rajesh Kumar
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मकर संक्रांति पर्व पर गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु भोर से ही कतार में लग गए। मंदिर का कपाट खुलते ही गुरु गोरखनाथ के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। भोर से शुरू हुई कतार देर शाम तक बनी रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को काफी मसक्कत करनी पड़ी।
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शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त में तीन बजे गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने विधिवत पूजा और आरती की। इसके बाद मंदिर की तरफ से देश के कल्याण और सुख समृद्धि की कामना को लेकर गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई गई। तत्पश्चात नेपाल राज परिवार की तरफ से नेपाल राष्ट्र की कामना और कल्याण को लेकर श्रीनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की गई। इसके बाद मंदिर का कपाट भक्तों के लिए खोल दिया गया। कपाट खुलते ही गुरु गोरखनाथ के जयकारे के साथ दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात आदि राज्यों के अलावा भारी संख्या में नेपाल से आए श्रद्धालुआें ने खिचड़ी चढ़ाया। बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से भी भारी संख्या में महिलाओं, पुरुषों ने खिचड़ी चढ़ाना शुरू किया जो देर शाम तक चलता रहा।

मेले में बहुत से श्रद्धालु एक दिन पहले ही पहुंच गए थे। वे भोर में ही भीम सरोवर में स्नान कर लाइन में लग गए। सुबह छह बजते-बजते भीड़ इस कदर बढ़ी की व्यवस्था गड़बड़ा गई। जैसे-जैसे सूरज का तेज बढ़ता गया भीड़ का दबाव भी बढ़ता गया। मंदिर के एक हजार से अधिक स्वयं सेवकों के अलावा पूरा प्रशासनिक अमला व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जूझता रहा। मंदिर परिसर के अंदर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। महिलाओं पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइन बनाई गई थी। वीआईपी दर्शन के लिए अलग से रास्ता बनाया गया था। शाम तक लाखों लोगों ने मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ लिया।
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भक्तों के लिए रास्ते में कैंप बाटा खिचड़ी का प्रसाद
मंदिर में गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी चढ़ा कर पुण्य कमाया तो बहुत से लोगों ने भक्तों की सेवा में अपने को लगाया। वह इसे ही पुनीत कार्य मान रहे थे। इस नाते सड़क के किराने पंडाल लगाकर खिचड़ी बनवाई और श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में खिलाया। मंदिर के अंदर काफी संख्या में लोगों ने खिचड़ी प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। वहीं कुछ लोगों ने मंदिर आने वाले भक्तों के लिए सड़क किनारे पंडाल लगाकर खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया। कई लोग भक्तों को प्रसाद के लिए बुलाते नजर आए।  आस्था के  सामने ठंड बेअसर   शनिवार को मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ का दर्शन कर उन्हें खिचड़ी चढ़ाने के लिए जो भीड़ दिखी उसमें सिर्फ भक्ति का भाव दिखाई दिया। कई किलो मीटर पैदल चल कर लोग बाबा के दरबार में पहुंच रहे थे। उनके अंदर न तो थकान थी न ही ठंड का असर। लाइन में लग कर भी गुरु गोरखनाथ का जयकारा लोग लगाते रहे लोगों में सिर्फ भक्ति का भाव दिख रहा था।
खिचड़ी मेले में लाखों लोगों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी।

कई किलो मीटर पहले ही बड़े छोटे वाहनों को रोक दिया गया था। इसके चलते श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने के लिए काफी पैदल चलना पड़ा। इसमें बहुत से लोग सिर पर गठरी और हाथ में झोला लिए चल रहे थे। वहीं महिलाएं अपने बच्चों को कंधे और गोद में लिए मंदिर की तरफ बढ़ रही थीं। मंदिर परिसर तक पहुंचने से पहले उन्हें घंटों कतार में लगना पड़ता। इस लाइन में अमीर- गरीब, छोटे-बड़े, महिला-पुरुष सब लोग बिना भेदभाव के खड़े थे। सभी में भक्ति का भाव दिख रहा था। एक आदमी जब बाबा का जयकारा लगता तो पूरी भीड़ के जयकारे से पूरा परिसर गूंजायमान हो जाता था।

बच्चों को लेकर भीड़ में खड़ी कई महिलाओं को जब पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की डाट पड़ी तो उसमें से यह जवाब आया कि इन्हीं बच्चों के कारण तो वह यर्हां आइं हैं। बाबा के आशीर्वाद के कारण ही यह बच्चे हैं और उन्हीं की मनौती मानी है। इसी तरह से अन्य बहुत सी महिलाएं अपनी मनौती के कारण आईं तो कई यह मानने आई कि यदि उनकी मनोकामना पूरी हो जाए तो वह लगातार बाबा के दरबार में खिचड़ी चढ़ाने आएंगी।
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