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चेक पाकर खिले मेधावियों के चेहरे

Tue, 16 Aug 2016 08:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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दुग्ध विकास मंत्री ने वितरित किए कन्या विद्या धन के चेक - फोटो : Mahesh Kumar
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प्रदेश सरकार के दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा ने मंगलवार को तारामंडल स्थित वृंदावन पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में 1200 मेधावियों को कन्या विद्या धन के तहत 30 हजार रुपये का चेक वितरित किया। चेक पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे। मंत्री ने कहा कि यह रकम छात्राओं का भविष्य संवारने में मददगार होगा।
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छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए दुग्ध विकास मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर उपहार स्वरूप यह चेक दिया है। इसे भविष्य की पढ़ाई पूरा कराने में खर्च करें। इससे आपके सपने पूरे हो सकेंगे। इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियां भी गिनाते हुए कहा कि 74 करोड़ की लागत से जनपद में डेयरी प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे एक लाख लीटर दूध प्राप्त होगा। गरीब खेतिहर किसानों को उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए गाय भी दिए जाएंगे।

वहीं डीएम ओएन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बहनों और महिलाओं के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। गरीब लड़कियों की पढ़ाई, शादी और उनके भविष्य में आने वाले खर्च को लेकर सरकार ने कई योजनाएं शुरू की है। डीआईओएस एएन मौर्या ने सलाह दी कि कन्या विद्या धन का उपयोग उच्च शिक्षा के लिए ही करें। कार्यक्रम में पिपराइच विधायक राजमती निषाद, सपा जिलाध्यक्ष मोहसिन खान, महानगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार त्रिपाठी, अरविंद पांडेय, फूलचंद यादव आदि मौजूद थे। आज भी बंटेगा चेक कन्या विद्याधन योजना के तहत 2028 छात्राओं चेक दिया जाना है। मंगलवार को 12 सौ छात्राओं को ही चेक दिया गया है। बाकी छात्राओं को 17 अगस्त को सर्वोदय इंटर कॉलेज, कौड़ीराम एवं जामिया सिद्धि डिग्री कॉलेज मरवटीया उरुवा में चेक दिया जाएगा। डीएम ने बताया कि चयनित छात्राओं में जिन छात्राओं को कन्या विद्याधन का चेक नहीं मिल पाया है, उन्हें 20 अगस्त से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से चेक दिए जाएंगे।
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कुर्सियों पर सपाइयों का कब्जा कार्यक्रम में सरकार के मंत्री के आगमन को देखते हुए सपा नेताओं और उनके समर्थकों ने छात्राओं और शिक्षकों के लिए लगाई गईं कुर्सियों पर कब्जा कर लिया। उन्हें न तो शिक्षा विभाग के लोगों ने हटाया और न ही पुलिस ने। इसके चलते कई छात्राओं और शिक्षकों को पूरे कार्यक्रम के दौरान खड़ा ही रहना पड़ा।
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