मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर और तीमारदार में विवाद हो गया। बीती रात कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई और डॉक्टरों ने तीमारदार को पीट दिया। मौजूद लोगों ने तीमारदार को बचाया और वहां से भगा दिया। उधर, जूनियर डॉक्टर की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। जूनियर डॉक्टरों ने शिकायत किया कि तीमारदार ने उनके साथ बदसलूकी की और जाते समय जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। आरोप यह भी है कि जूनियर डॉक्टरों ने नाम न बताने पर मरीज को भगाने की धमकी भी दी है।
बेलीपार थाना क्षेत्र के चंदौली गांव निवासी कामनी (4) पुत्री राजेंद्र घर की छत से गिर गई थी। 11 अगस्त को गंभीर रूप से घायल होने के बाद घर वाले उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। ट्रॉमा सेंटर के पीओपी वार्ड बेड नंबर एक पर भर्ती कामनी की मां वंदना के कुछ रिश्तेदार उसे देखने के लिए पहुंचे थे। उसने वंदना से दवा के बारे में पूछा कि दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही है या अंदर से मिल रही है। वंदना के बाहर से दवा लेने की बात बताने पर तीमारदार नर्स के पहुंच गया। नर्स से उन्होंने दवा अंदर से न देने का कारण पूछा तभी कुछ जूनियर डॉक्टर वहां पहुंच गए। जूनियर डॉक्टर से तीमारदार की बहस हो गई।
आरोप है कि थोड़ी देर बाद जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार की पिटाई शुरू कर दी। किसी तरह मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद तीमारदार को वहां से भगाया जा सका। यही नहीं आरोप है कि नाराज जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार का नाम पता मरीज की मां से पूछा और कहा है कि उसकी जानकारी न देने पर अस्पताल से भगा दिया जाएगा। घटना शांत होने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने इसकी जानकारी पुलिस को भी दे दी। पुलिस भी रात में पहुंची थी और मरीज से तीमारदार के बारे में पूछताछ की है।