मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर ने लापरवाही और अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक महिला के बाएं की जगह दाहिने पैर का ऑपरेशन कर डाला। गलती का अहसास होने पर भी डॉक्टर नहीं पसीजे और दोबारा शुल्क जमा कराने की बात को लेकर घरवालों से भिड़ गए। पीड़ित महिला के पति का आरोप है कि डॉक्टर ने उनसे बदसलूकी की। जानकारी होने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र मंगलवार देर शाम हड्डी वार्ड पहुंचे और महिला से बात की।
महराजगंज के मिश्रौलिया के सैयद अली की पत्नी नूरसभा (35 वर्ष) नौ अप्रैल को टैंपो पलटने से घायल हो गई थीं। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। एक्सरे के बाद पता चला कि नूरसभा के बाएं पैर की हड्डी टूटी है। पैर में गंभीर चोटें आई हैं। नौ अप्रैल की रात में ही नूरसभा को एनेस्थीसिया देकर उनके पैर का ऑपरेशन कर दिया गया। 10 अप्रैल की सुबह जब नूरसभा को होश आया तो पता चला कि बाएं की जगह दाएं पैर का ऑपरेशन हुआ है। इसकी जानकारी उन्होंने सोमवार को रूटीन चेकअप पर आए डॉ. सुरेंद्र कुमार को भी दी।
तीमारदारों के मुताबिक डॉ. सुरेंद्र ने ऑपरेशन करने वाले जूनियर डॉक्टर को फटकार भी लगाई, लेकिन गलत ऑपरेशन पर कुछ नहीं कहा। इसके बाद नूरसभा के पति सैयद अली ने बाएं पैर के ऑपरेशन की बात कही। उनका आरोप है कि इतना सुनते ही जूनियर डॉक्टर भड़क गए। सैयद अली ने बताया कि डॉक्टर ने दोबारा ऑपरेशन और रॉड की फीस जमा कराने को कहा। इसमें जब उन्होंने असमर्थता जताई तो डॉक्टर अभद्रता करने लगे। यह देख वार्ड में भर्ती दूसरे मरीजों ने 12 सौ रुपये की सहायता दी, तब जाकर नूरसभा के बाएं पैर का ऑपरेशन हो सका।
डीएम से भी करेंगे शिकायत
सैयद अली ने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही और उनके साथ बदसलूकी की शिकायत डीएम से करेंगे। बुधवार को वह डीएम को शिकायती पत्र देकर डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
हड्डी वार्ड के विभागाध्यक्ष से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। महिला के पति के आरोप को गंभीरता से लिया गया है। डॉक्टर की लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मरीज को भी देखा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्रवाई होगी।
- डॉ. राजीव मिश्र, प्राचार्य