क्रांति दिवस पर आयोजित पूर्वांचल हॉफ मैराथन में पुरुष वर्ग का खिताब बलिया के ईश्वर चंद और महिलाओं में गोरखपुर की बबीता निषाद ने अपने नाम किया। ईश्वर चंद ने जहां एक घंटा 11 मिनट का समय निकाला वहीं बबीता ने एक घंटा 28 मिनट। दो घंटे तक चली 21 किलोमीटर की इस दौड़ में धावकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पुरुष वर्ग में महाराजगंज के कमलेश वर्मा दूसरे, फाजिलनगर के राजकिशोर रावत तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में पिछले साल की विजेता इलाहाबाद के ग्राम सकरामऊ की कविता पटेल दूसरे तथा महाराजगंज की सुमन सिंह तीसरे स्थान पर रहीं।
शांति सेवा संस्थान के तत्वावधान में लगातार छठे वर्ष 21 किमी पूर्वांचल हॉफ मैराथन का आयोजन किया गया था। इसमें बलिया, गोरखपुर, महाराजगंज और कुशीनगर आदि जिलों के सौ से अधिक धावकों ने भाग लिया। मंगलवार की सुबह गोरखपुर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट से भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष के साथ शुरू हुई मैराथन छात्रावास चौराहा, रेल म्यूजियम, मोहद्दीपुर, कूड़ाघाट, इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी, खोराबार, देवरिया बाईपास, सहारा इस्टेट, जीडीए आफिस से अमर उजाला तिराहा, पैडलेगंज, छात्रसंघ भवन चौराहा होते हुए वापस डीडीयू गेट पर समाप्त हुई।
भोजपुरी फिल्म अभिनेता बब्बू राय ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, जबकि पुरस्कार वितरण समारोह में दोनों वर्गों के विजेताओं को मुख्य अतिथि महापौर डॉ. सत्या पांडेय ने 21 हजार रुपये, उपविजेता को 11 हजार रुपये तथा तीसरे स्थान पर रहे धावकों को पांच-पांच हजार रुपये का चेक, ट्राफी और प्रमाण पत्र दिए। समारोह में अमलेश पांडेय, गजेंद्र बृजराज, संतोष मिश्रा, सुनील मांझी, संजीव कुमार, रंजीत चतुर्वेदी, शैलेंद्र मिश्र, कृष्णा कुमार, सौरभ मिश्रा, अमन, रवि, रोहन, सूरज व अभिषेक आदि मौजूद रहे।
पुरुष वर्ग में राजेंद्र विन्द चौथे, अरविन्द पांचवें, सुमित यादव छठे, अंगद मिश्रा सातवें, अनिल निषाद आठवें और अमित कुमार नौवें स्थान पर रहे, जबकि महिला में चौथे से छठवें स्थान पर रहीं खुशबू निषाद, ज्योति विश्वकर्मा और निधि गिरी को 21 सौ रुपये का सांत्वना पुरस्कार मिला।
धावक हो गए बीमार
महिला वर्ग में पिछली विजेता और इस बार दूसरे स्थान पर रहीं इलाहाबाद की कविता पटेल की तबीयत दौड़ पूरी करते ही खराब हो गई। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें लेकर जिला अस्पताल चली गई। उनकी जगह पुरस्कार उनके भाई अमित कुमार ने लिया। यही नहीं, पुणे से आए धावक राजेश कुमार लोदी की भी तबीयत खराब हो गई। उनका वहीं उपचार किया गया। समारोह की समाप्त के बाद मेयर व आयोजक राजकुमार राय उनका हालचाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे। कविता की हालत में सुधार होने पर वह अपने पिता और भाई के साथ घर चली गईं।
छुट्टा पशुओं से हुई परेशानी
गोरखपुर यूनिवर्सिटी से शुरू हुई मैराथन के दौरान धावकों को छुट्टा पशुओं की वजह से बहुत परेशानी हुई। यूनिवर्सिटी चौराहे से लेकर पैडलेगंज तक कई जगहों पर धावकों को बीच रास्ते में या तो छुट्टा पशु बैठे मिले। कई स्थानों पर तो धावकों को देख पशु भी दौड़ने लगे। उनसे बचने के लिए धावकों को अपनी गति कम करनी पड़ी।