जांच के दौरान पता चला कि आरोपी युवक 2005 में पढ़ाई करने के उद्देश्य से भारत आया था और पढ़ाई के दौरान समय-समय पर अपने वीजा की अवधी बढ़वाता गया। 2015 में उसके वीजा की अवधि समाप्त हो गई। तब से वह अवैध रूप से रहने लगा। इस दौरान उसने फर्जी तरीके से पैन और आधार बनवा लिया और बड़ी कंपनियों में नौकरी करने लगा, साथ ही कुछ कंपनियों के लिए मॉडलिंग भी किया।
उसने बताया कि वह 2018 में एक नेपाली युवती के संपर्क में आया, जो उसके साथ ही कंपनी में नौकरी करती थी। इस साल 7 मई को सोनौली सीमा से भारतीय बनकर वह नेपाल गया और 11 जुलाई 2019 को नेपाली रीति रिवाज से उस युवती से शादी कर ली। मैरेज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए नेपाल में भारतीय वोटर कार्ड की जरूरत पड़ी, तो युवक अपने दोस्तों से संपर्क कर सभी कागजात लेकर वोटर आईडी कार्ड बनवाने बंगलूरू जा रहा था। इसी बीच भारतीय सीमा पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कोतवाल विजय राज सिंह ने बताया कि ईरानी नागरिक के खिलाफ अवैध रूप से भारत मे रहने, नौकरी करने और फर्जी तरीके से आधार और पैन बनवाने के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।