नगर निगम के तीन सालों के कामों की जांच अब शुरू हो जाएगी। कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद के निर्देश पर जांच टीम ने कामों की सूची तैयार कर ली है। जांच टीम ने सोमवार को इन कामों से जुड़ी फाइलें कमिश्नर को सौंप दीं। दस दिनों से कमिश्नर के शहर के बाहर होने की वजह से उन कामों का चयन नहीं हो पा रहा था जिनकी जांच की जानी है।
दरअसल पहले कमिश्नर ने निगम के तीन साल के सभी कामों की जांच के निर्देश दिए थे। इसके लिए उप निदेशक अर्थ एवं संख्या के नेतृत्व में छह तकनीकी टीमें बनाई गई थीं। टीम ने जब निगम से काम की फाइलें मांगी तो उनकी संख्या करीब 1300 निकली। इतने कामों की जांच हो पाना मुश्किल था लिहाजा तय हुआ कि सभी वार्डों में हुए बड़े कामों की जांच होगी। अभी ऐसे कामों का चयन हो पाता कि कमिश्नर बाहर चले गए।
सोमवार को काम पर लौटते ही कमिश्नर ने सूची मंगाई। बताया जा रहा है कि अब भी नगर निगम ने क ई बड़े कामों से जुड़े दस्तावेज जांच टीम को मुहैया नहीं कराए गए हैं। उम्मीद है कि मंगलवार को आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में इस मसले पर चर्चा हो।