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हिसाब साथ रखिए वर्ना चुनाव तक फंस जाएगी रकम

Wed, 11 Jan 2017 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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money - फोटो : amar ujala
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विधानसभा चुनाव 2017 का बिगुल बजते ही जिले की सीमाओं और शहर के तमाम प्रमुख चौराहों, इलाकों में जांच टीमें सक्रिय हो गई हैं। चार जनवरी को आचार संहिता लागू होने से लेकर अब तक कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी हो चुकी है। जागरूक न होने से इस सख्ती के शिकार आम आदमी भी हो जा रहे हैं। चुनाव तक अगर आप 50 हजार रुपये से अधिक लेकर चल रहे हैं तो उसका हिसाब भी साथ रखिए वर्ना मुश्किल में पड़ सकते हैं। जांच टीम द्वारा पकड़े जाने पर अगर आप तत्काल हिसाब नहीं दे पाए तो रकम कोषागार में जमा हो जाएगी।
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बाद में हिसाब देने पर रकम छोड़ने का प्रावधान है मगर अफसरों की व्यस्तता की वजह से चुनाव समाप्त होने के बाद ही रकम मिलने की उम्मीद है। जांच टीमों की कार्रवाई से संतुष्ट न होने पर व्यय परीक्षण टीम के नोडल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम के सामने भी शिकायत की जा सकती है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. चंद्रभूषण ने बताया कि आयोग द्वारा तय मानक प्रचालन प्रक्रिया के मुताबिक जांच में अगर किसी व्यक्ति के पास 50 हजार रुपये से अधिक की रकम, शराब या 10 हजार रुपये से अधिक का उपहार पाया जाता है, वह किसी पार्टी का कार्यकर्ता, एजेंट या किसी भी तरह से उसकी संलिप्तता चुनाव से पाई जाती है तो वह रकम जब्त कर ली जाएगी। अगर कोई आम आदमी है तो उसे तत्काल उसका हिसाब देना होगा।

इसी तरह स्टार प्रचारक या पार्टी के पदाधिकारी को एक लाख रुपये तक लेकर चलने की छूट है मगर उसके पास पार्टी के कोषाधिकारी की तरफ से जारी प्रमाणपत्र की दो प्रति होना जरूरी है। पकड़े जाने पर उसकी एक प्रति जांच टीम को देनी होगी। इससे अधिक की रकम पाए जाने पर रुपया जब्त हो जाएगा। जब्त की गई रकम कोषागार में जमा की जाएगी।
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10 लाख से अधिक पकड़ाया तो आयकर विभाग निपटेगा
उप जिला निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक अगर किसी आम आदमी के पास 10 लाख रुपये से अधिक की रकम पकड़ी जाती है तो जांच टीम उसकी सूचना तत्काल आयकर विभाग को देगी। विभाग के अफसर अगर समय से मौके पर नहीं पहुंचे तो टीम संबंधित रकम को कोषागार में जमा करा देगी। अगले दिन जब आयकर विभाग की टीम संपर्क करेगी तो उसे रकम सौंप दी जाएगी। इसके आगे की पूछताछ और अन्य कार्रवाई आयकर विभाग ही करेगा। 
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