तीन दिनों से जेल में 20 कैदी भूख हड़ताल पर
गोरखपुर। मंडलीय कारागार में पिटाई से बंदी के घायल होने से नाराज करीब 20 बंदी भूख हड़ताल पर हैं। सूत्रों की मानें तो तीन दिनों से बंदी खाना नहीं खा रहे हैं। आरोप है कि रकम न देने पर जेल में तैनात कर्मियों ने ही बंदी की पिटाई की, जिससे उसका सिर फट गया। इस समय जेल के अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है। जेल से बाहर आई एक पर्ची की तस्वीर वायरल होने के बाद से ही खलबली मची है। बंदी से मुलाकात कर आए उसके भाई ने पर्ची की तस्वीर को सोशल साइट पर पोस्ट किया है, जिसमें भूख हड़ताल की बात लिखी है। हालांकि जेल प्रशासन हड़ताल से इनकार कर रहा है।
चौरीचौरा के रउतैनिया सरदार गांव निवासी सुजीत पासवान चोरी और लूट के आरोप में दो साल से जेल में बंद है। रविवार को उसके छोटे भाई बीरू पासवान ने गांव की दो महिला लक्ष्मीना और सावित्री के साथ जेल में भाई से मुलाकात की। बीरू के मुताबिक भाई एक अन्य बंदी के सहारे बाहर मिलने के लिए आया था। उसके सिर में चोट लगी थी। पूछे जाने पर बताया कि पुलिसकर्मियों ने रकम न देने पर उसे पीटा है और इस समय में जेल के ही अस्पताल में भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है। सुजीत ने उसे एक पर्ची थमा दी, जिसमें भूख हड़ताल की बात लिखी है। हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि गिरने की वजह से सुजीत को चोट लगी है।
दूसरी ओर वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने कहा कि बंदी की पिटाई और हड़ताल की खबर गलत है। जेल में सभी बंदी खाना खा रहे हैं। जेल से कुछ बंदियों को दूसरे जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। इसी वजह से कुछ बंदी दबाव बनाने के लिए अफवाह फैला रहे हैं।