गोरखपुर। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दलित शोध छात्र की आत्महत्या से गुस्साए डॉ. अंबेडकर छात्र युवा समिति से जुड़े छात्रों ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय मंत्री बंडूरा दत्तात्रेय की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। समिति के अध्यक्ष ऋषि कपूर के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट से शवयात्रा निकाली गई।
नारेबाजी करते हुए छात्र डीएम आवास, हरिओम नगर, चेतना तिराहा, गोलघर, टाउनहाल, शास्त्री चौक, अंबेडकर चौराहा होते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
समिति के अध्यक्ष ने कहा कि जहां एक तरफ पूरा देश रोहित की शोक में डूबा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री असम दौरे में इतने व्यस्त है कि उनके पास संवेदना व्यक्त करने तक का वक्त नहीं है। रोहित की आत्महत्या ने यह तय कर दिया है कि इस देश के शिक्षण संस्थाओं में आज भी जाति व्यवस्था कायम है। रोहित की तरह जो भी आवाज उठाएगा, उसे कुचल दिया जाएगा।
छात्र नेता अनिल यादव ने दागी मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। शव यात्रा का समर्थन कर रहे छात्रनेता बृजेश चंद ने कहा कि आंदोलन अंतिम लड़ाई तक जारी रहेगा। उन्होंने रोहित को शहीद घोषित करने, एक करोड़ का मुआवजा, घर के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी, मामले की जांच सीबीआई से कराने, दोषियों पर एससी-एसटी एक्ट लगाने की मांग की।
शवयात्रा में अजीत, अजय, दिवाकर, गोविंद, विनोद, अमित, दीपक, रत्नेश, नीरज, गंगा, अजय, आकाश, सोनू, प्रेम कुमार, विनीत कुमार, आशुतोष आदि शामिल रहे।
दूसरी ओर आरक्षण बचाओ संघ की एक बैठक बुलाई गई, जिसमें उन्होेंने शोध छात्र की आत्महत्या को हत्या करार दिया। बैठक में मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।
इस दौरान राम मूरत प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र कुमार राजा, राधेश्याम सेहरा, धीरेंद्र प्रताप, अरविंद गौतम, नरेंद्र कुमार, सागर पासवान, प्रहलाद प्रसाद, कन्हई लाल, बृजेश चंद्र, राम आशीष आदि मौजूद रहे। बसपा नेता गौतम प्रसाद ने विज्ञप्ति जारी करके कहा कि रोहित की आत्महत्या मनुवादी विचारधारा को बल देती है।
अधिवक्ताओं ने की निंदा
गोरखपुर। दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर प्रगतिशील अधिवक्ता समिति गोरखपुर इकाई के अधिवक्ताओं ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कमिश्नर कार्यालय परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए इकाई के सचिव विनोद कुमार यादव और अन्य अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा की।