लोन के मामलों में बैंकों की हीलाहवाली गलत: कमिश्नर
गोरखपुर। कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने सरकार की विभिन्न योजनाओं संबंधी लोन के मामलों में बैंकों की हीलाहवाली पर नाराजगी जताई। कहा कि बैंकों का रवैया पूरी तरह से गलत है। इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। साथ ही यूपी समिट के दौरान गोरखपुर में उद्योग लगाने के लिए सरकार के साथ एमओयू करने वाले उद्यमियों के मामलों के अब तक लंबित रहने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने संयुक्त निदेशक उद्योग से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। साथ ही विभिन्न विभाग के अधिकारियों को उद्यमियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का निर्देश दिया।
शनिवार को कमिश्नर सभागार में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि सभी को यह प्रयास करना चाहिये कि जो उद्योग लगे वे लगातार चलते भी रहे। उनकी जो भी समस्याएं हैं उनका निस्तारण तत्काल होना चाहिए। गीडा के उद्योगों के लगने वाले सीईटीपी की चर्चा के दौरान उन्होंने जल निगम के अधिकारियों से सीईटीपी की प्रगति रिपोर्ट एक पेज पर तैयार करने देने का निर्देश दिया, ताकि नमामि गंगे योजना के तहत स्वीकृत कराकर धन आवंटित कराया जा सके। गीडा प्रशासन इसके निर्माण के लिए 17 करोड़ रुपये का अंशदान दे रहा है। कमिश्नर ने बैंकों मे योजनाओं आवेदन काफ ी संख्या मे लंबित रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शासन को अवगत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को गलत बिजली के बिलों को तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया। इस दौरान चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, महासचिव प्रवीण मोदी, उपाध्यक्ष आरएन सिंह, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, आकाश जालान, एहसान करीम लीड बैंक के अधिकारी सहित चारों जनपदों के उद्यमी व अन्य अधिकारी उपस्थिति रहे।
गीडा के उद्यमियों के साथ हर माह करें बैठक
बैठक के दौरान गीडा के उद्यमियों ने अपनी कई समस्याएं गिनाईं। इसके बाद कमिश्नर ने ज्वाइंट कमिश्नर उद्योग को निर्देशित करते हुए कहा कि उद्यमियों के साथ महीने में एक बार अवश्य ही बैठक होनी चाहिए। साथ ही उद्यमियों के साथ बैठक कर उनकी शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित होना चाहिए।
ब्याज माफी मसले पर मांगी 15 दिन में आख्या
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी ने ब्याज माफी का मसला उठाया। उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाएं विकसित किए बिना ही गीडा प्रशासन ने कई उद्योगों पर मेंटेनेंस चार्ज के साथ उन पर ब्याज लगा दिया है। कमिश्नर ने इसे गलत करार देते हुए गीडा प्रशासन से 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।