महंत आदित्यनाथ, हियुवा के संरक्षक।
सांसद महंत आदित्यनाथ से बगावत कर चुनाव लड़ने की घोषणा करने के अगले दिन भी हिंदु युवा वाहिनी अपने निर्णय पर अड़ी है। हियुवा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह का कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए, वाहिनी अब वापस नहीं लौटने वाली। उनकी लड़ाई महंत नहीं बल्कि भाजपा से है। महंत भाजपा के सदस्य नहीं है, लिहाजा यह लड़ाई उनसे हो ही नहीं सकती। कहा कि महंत उनके संरक्षक है, उनके लिए पूज्य हैं। उनके अपमान या उनसे बगावत के बारे में हियुवा का कोई कार्यकर्ता कभी कुछ सोच ही नहीं सकता। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि महंत कितने ही नाराज क्यों न हो, मान जाएंगे। बताया कि रविवार को चौरीचौरा में बैठक कर वाहिनी बाकी सीटों पर भी उम्मीदवारों की घोषणा करेगी।
उधर महंत का कहना है कि उन्होंने हियुवा के पदाधिकारियों को चेतावनी दे दी है। अगर इसके बाद भी वे नहीं माने तो खामियाजा भुगतेंगे। उन्हें दुर्दिन झेलने को तैयार रहना होगा। वहीं पूरे शहर में ही नहीं पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं में भी यह कानाफु सी तेज हो गई है कि बिना महंत के संरक्षण के सुनील सिंह समेत पूरी हियुवा बगावत की हिम्मत नहीं जुटा सकती। इसके पहले भी महंत भाजपा से बगावत कर चुके हैं, लिहाजा लोग उसे नजीर बता इस बदले परिदृश्य को सही साबित करने में जुटे हैं।
यहां से प्रत्याशी घोषित कर चुकी है हियुवा-
पनियरा- सतीश सिंह सैंथवार
सिसवां- ज्योतिष मणि त्रिपाठी
पड़रौना- राजन जायसवाल
खड्डा- अजय गोविंद राव
कसया- राजेश्वर सिंह
फरेंदा- जीतेंद्र शर्मा
हियुवा में दो फाड़, महंत के पक्ष में उतरा एक धड़ा
महंत से बगावत कर चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद हियुवा में भी दो फाड़ हो गई है। वाहिनी के कई कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह समेत बगावत करने वालों का विरोध करते हुए महंत के पक्ष में उतर गए हैं। महानगर इकाई के प्रभारी रामभुआल कुशवाहा, जनपद संयोजक रमाकांत निषाद व रामपाल सिंह के नेतृत्व में इन कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बैठक कर महंत का विरोध करने वालों की निंदा की। उन्होंने कहा कि वाहिनी अपने मुख्य संरक्षक महंत आदित्यनाथ के संरक्षण में हिंदुत्व एवं विकास के मुद्दे पर सामाजिक क्षेत्र में कार्य करती है। यह एक गैर राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है। हम राष्ट्रवादी मिशन से जुड़े हैं और भाजपा के अलावा किसी अन्य दल या संगठन को समर्थन देने की कभी सोच भी नहीं सकते। कहा कि वाहिनी का कोई भी कार्यकर्ता संगठन के नाम का किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए दुरुपयोग नहीं करेगा। बैठक में उदयभान सिंह, नरेंद्रध्वज सिंह, विजय शंकर यादव, ऋषिमोहन वर्मा, रणंजय सिंह जुगनू, मृत्युंजय सिंह, अखिल कुशवाहा, आशीष गुप्ता, अष्टभुजा तिवारी, धर्मेंद्र पांडेय समेत कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।