मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, गोरखपुर आब्स एवं गाइनी सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कांफ्रेंस का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। पहले दिन विभिन्न रोगों के बारे में चार व्याख्यान और पांच लाइव सर्जरी की गई। जिसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों ने कई अत्याधुनिक पद्धति के बारे में जानकारी दी।
चेन्नई की डॉ एन. राना महेश्वरी ने बच्चेदानी बाहर निकल जाने पर उसे पुन: अपनी जगह पर सेट करने की आधुनिक सर्जरी विधि का लाइव दिखाया। उन्होंने मूत्र से संबंधित बीमारी के बारे में विस्तार से बताया। ओडिशा की डॉ. विजय नायक ने दूरबीन विधि की नई तकनीक से बच्चेदानी की गांठ का ऑपरेशन किया। उन्होंने बताया कि यह तकनीक अत्यंत लाभकारी है। इससे मरीज जल्द ही स्वस्थ हो जाता है। बंगलुरू से आए डॉ. जेबी रमेश ने दूरबीन विधि से बच्चेदानी निकालने की विधि का लाइव सर्जरी के माध्यम से जानकारी दी।
विभागाध्यक्ष डॉ. रीना श्रीवास्तव ने बताया कि प्रसूति में गंभीर अवस्था की स्थिति में देखभाल में होने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में डॉ. प्रीति कुमार, डॉ. किरन श्रीवास्तव, डॉ. शैली अग्रवाल, डॉ. भारती महेश्वरी, डॉ. किरन पांडेय, डॉ. हेमा शोभने, डॉ. उमा पांडेय, डॉ. उमा सिंह ने व्याख्यान दिए। इस रोग में प्राय: अधिक रक्तस्राव, अधिक रक्तचाप, झटके आना और संक्रमण और किडनी के चिपके होने जैसी स्थिति में उपचार के उपाय बताए गए।
नि:संतान की समस्या से निजात पाने के लिए स्त्री एवं पुरुष में होने वाले अलग-अलग विकार एवं कारण के बारे में डॉ. नरेंद्र मलहोत्रा, डॉ. नीलम ओहरी, डॉ. सुनील जिंदल, डॉ. राहुल त्यागी, डॉ. गीता खन्ना, डॉ. अंशु जिंदल और डॉ. एसपी जायसवाल के व्याख्यान हुए। कृत्रिम गर्भाधान के बारे में कार्यशाला की गई। डॉ. साधना गुप्ता, डॉ. सुरहिना करीम, डॉ. सविता अग्रवाल, डॉ. मधु गुलाटी, डॉ आराधना सिंह आदि मौजूद रही।