23 को पदभार संभालेंगे असलहा बाबू, खुलेगा ताला
गोरखपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के खुलासे के बाद एक महीने से अधिक समय से बंद शस्त्र कार्यालय का ताला दो दिन में खुल जाएगा। सोमवार को नए असलहा बाबू द्वारिकानाथ पदभार संभाल लेंगे। उनकी मौजूदगी में ही ताला खोलकर जांच के लिए ले जाए गए सभी रिकार्ड उन्हें सौंपे जाएंगे।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने 16 अगस्त को जांच के लिए मजिस्ट्रेटी कमेटी गठित कर दी थी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी ने लगातार 27 दिन तक सदर तहसील सभागार में मामले की जांच की। इसके लिए शस्त्र कार्यालय से सभी अभिलेख मंगाने के साथ ही वहां ताला भी लगा दिया गया था। मामले की जांच पूरी होने के बाद भी असलहा बाबू राम सिंह की गिरफ्तारी हो जाने से शस्त्र कार्यालय का ताला नहीं खुल रहा था।
19 सितंबर को जिला प्रशासन ने बांसगांव तहसील के राजस्व में तैनात द्वारिकानाथ को असलहा बाबू का प्रभार सौंपा। उन्होंने बताया कि 23 को वह पदभार संभालेंगे। वहीं, एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जैसे ही असलहा बाबू प्रभार संभालेंगे, शस्त्र कार्यालय का ताला खोलकर उनकी मौजूदगी में उन्हें जांच के लिए ले जाए गए सभी रिकार्ड भी सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि तबतक नवीनीकरण या किसी और मामले में लोगों को कोई दिक्कत न हो इसलिए असलहा बाबू द्वितीय सूर्यभान को आवेदनपत्र लेने आदि की जिम्मेदारी दी गई है।