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फर्जी ढंग से नौकरी की लालच में गंवाए ढाई लाख

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गलत ढंग से नौकरी पाने के चक्कर में गंवाए ढाई लाख
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बेलघाट (गोरखपुर)। गलत तरीके से रेलवे मेें नौकरी पाने के लालच में एक युवक ने ढाई लाख रुपये गंवा दिए। आरोप है कि खजनी के तीन लोगों को उसने रुपये दिए थे। रुपये लेने वालों ने परीक्षा में पास कराके नौकरी का भरोसा दिया था। बेलघाट पुलिस ने आरोपी उमेश यादव, सतीश मौर्या और रामभरत के खिलाफ जालसाजी सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बेलघाट के सुअरहा निवासी आलोक के दर्ज कराए गए केस के मुताबिक खजनी के तीन लोगों से उनकी मुलाकात गांव के ही एक शख्स ने कराई थी। कठईचा निवासी सतीश मौर्य, उमेश यादव और राम भरत ने ग्रुप डी में भर्ती कराने का उसे भरोसा दिया। बिना मेहनत किए मुफ्त में नौकरी पाने के लालच में सितंबर 2018 में कथित पीड़ितों ने ढाई लाख रुपये आरोपितों को दे दिए । नौकरी नही मिली तो रुपये वापस मांगने पर वे वापसी से आनाकानी करने लगे। धमकी देने लगे। तब वे पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश कर रही है।
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कानून की कमजोरी
यह भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी कानून की कमजोरी है कि इसमें गंवाने वाला पीड़ित बन जाता है। गलत तरीके से फायदा पाने वाला अभियुक्त बन जाता है। गलत तरीके से फायदा पाने वाले को सजा तो ठीक है, मगर जानबूझकर गलत तरीके से काम करवाने वाले के खिलाफ भी तो कार्रवाई होनी चाहिए। इस कानून में कार्रवाई का कोई प्रावधान ही नहीं है। वरना जैसा यह मामला है, इसमें वादी को भी गलत तरीके से काम करवाने के प्रयास के आरोप में जेल भेज देना चाहिए। गलत तरीके से काम करवाने और लालच में व्यक्ति न पड़े तो क्या धोखाधड़ी-ठगी संभव होगी ?
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