किसानों को प्लास्टिक का तिरपाल देते मुख्यमंत्री योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आवारा पशुओं से फसलों के नुकसान और किसानों की पीड़ा को महसूस किया गया है। इससे निजात दिलाने की ठोस कार्ययोजना बनाई जा रही है। यूपी के अलग-अलग जिलों में 750 पिंजरापोल और कांजी हाउस को फिर शुरू कराया जाएगा। कान्हा उपवन के लिए हर नगर निगम को 10 करोड़ रुपए दिए गए हैं। कान्हा उपवन में आवारा पशुओं को रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा की, फिर मीडिया कर्मियों से बात की और कहा कि निराश्रित गोवंश को रखवाने की व्यवस्था होगी। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। निराश्रित गोवंश का पालन करने वालों को सरकार मदद के रूप में कुछ बजट भी दे सकती है। जहां पर खेती जंगल के किनारे है, वहां पर मनरेगा के तहत फेनसिंग कराई जाएगी। इसकी जिम्मेदारी वन विभाग को दी गई है। हर जिले को 1.20 करोड़ रुपये रकम दी गई है। इससे आवारा पशुओं के बेहतर रखरखाव का इंतजाम किया जाएगा।
किसानों के बच्चों को छात्रावास और वजीफा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में चार कृषि विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले किसानों के बच्चों के लिए छात्रावास और वजीफा देने की व्यवस्था होगी। सरकार ने मंडी समिति की आय बढ़ाने का काम भी किया है। यूपी की दो हजार किलोमीटर की सड़के मंडी समिति से बनवाई गई है।
छूटे हुए पात्रों को भी मिलेगा आवास और शौचालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गोरखपुर समेत पूरे प्रदेश में बेस लाइन सर्वे से छूटे हुए लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का लाभ दिलाया जाएगा। गोरखपुर में और पूर्वी उत्तर प्रदेश में नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम्य विकास और अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें इस दिशा में काम करने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रत्येक परिवार को आवास और शौचालय की सुविधा मिल सके। इसी तरह उन्होंने वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन के वंचित लोगों को भी अभियान चलाकर लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
खुले आसमान के नीचे न सोए कोई
इस ठंड में कोई भी खुले आसमान के नीचे ना सोए, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। सभी कमिश्नर, डीएम से कहा गया है कि जहां पर जरूरत हो वहां पर नया रैन बसेरा बनाया जाए। अंत्येष्टी स्थल के निर्माण के लिए नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराया गया है, जिन पर जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।