फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शासन ने लेखपालों की हड़ताल को बताया अवैध

Sun, 28 Aug 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
विज्ञापन
डीएम दफ्तर पर बु‌द्धि-शुद्धि यज्ञ करते लेखपाल। - फोटो : Shivharsh Dwivedi
विज्ञापन
पिछले चार दिनों से पूरे सूबे में चल रही लेखपालों की हड़ताल को शासन ने अवैध करार दिया है। शासन का कहना है कि प्रदेश के 28 जिलों के 2656 गांव बाढ़ की चपेट में है। 17 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। ऐसे में लेखपाल संघ के आंदोलन से राहत कार्यों के संचालन में अवरोध पैदा हो सकता है। शासन ने उन्हें हड़ताल खत्म करने का निर्देश देते हुए सभी डीएम को पत्र जारी किया है कि वे लेखपाल संघ की जिला इकाई को इसके बारे में जानकारी दे दें।
विज्ञापन


डीएम ओएन सिंह ने बताया कि अगर लेखपालों ने हड़ताल खत्म नहीं की तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठधर दूबे ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व जो निर्णय लेगा हम उसका पालन करेंगे। फिलहाल नेतृत्व अपने पुराने निर्णय पर कायम है। जब तक किसी बदलाव का आह्वान नहीं होता, पूर्व की ही तरह आंदोलन जारी रहेगा। बता दें कि वेतन बढ़ाने समेत छह सूत्रीय मांग को लेकर लेखपाल 23 अगस्त से काम ठप कर डीएम दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उन्होंने 28 तक धरना जारी रखने का फैसला कर रखा है। 29 को लेखपाल विधानसभा का घेराव करने वाले थे। लेखपालों ने किया सद्बुद्धि यज्ञ मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों ने धरने के चौथे दिन सद्बुद्धि यज्ञ कर ईश्वर से कामना की कि शासन उनकी मांगों को मान ले। लेखपाल 23 अगस्त से कामकाज ठप कर डीएम दफ्तर के सामने धरने पर बैठे हैं। 29 को सूबे भर के लेखपाल विधानसभा का घेराव करेंगे। सद्बुद्धि यज्ञ में आचार्य रमाकांत ने मंत्रोचार किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष नीलकंठधर दूबे, जिला मंत्री जगदीश प्रसाद, कोषाध्यक्ष हरिप्रकाश श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकेवल सिंह, तहसील अध्यक्ष लवकुमार, योगेंद्र यादव, रमाशंकर सिंह, ओमप्रकाश यादव, रामनरायन सिंह, फूलचंद, शिवनाथ पांडेय, अनिल श्रीवास्तव, दयानंद मिश्रा सत्यनारायण मिश्रा, दुर्गा प्रसाद यादव, दिलीप गुप्ता, राधेश्याम, अशोक भारती, मो. जावेद, नंदलाल, राजेंद्र यादव, रमाक ांत भास्कर, विनय लाल श्रीवास्तव, रामसूरत, कृष्णदेव वर्मा, विद्या सागर, करुणानिधि आदि लेखपाल मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें