इसके साथ ही भारत सरकार जलपाईगुड़ी से काकड़ भिट्ठा, जयनगर बिजलपुरा से बर्दिबास, जोगबनी से विराटनगर, रूपेडिया से नेपालगंज रेलवे लाइन बनाकर भारतीय रेल नेपाल की सरहद में पहुंचेगी। इसके बनने से यात्रियों समेत मालवस्तु के भारत से आयात में नेपाल के उद्योगपतियों के खर्च में कमी होगी।
भारत की तरफ से दो और नेपाल की तरफ से एक नए चेक पोस्ट बनाने की तैयारी है। नौतनवा से सोनौली और भैरहवा तक रेलवे लाइन बनने की हरी झंडी मिलने के बाद भारत और नेपाल के सभी सरकारी तंत्र सक्रिय हो गए हैं। सोनौली कस्टम अधीक्षक ए.के. द्विवेदी ने बताया कि भारत की कस्टम की तरफ से दो नए चेक पोस्ट बनाए जाएंगे।
नौतनवा में यात्रियों की जांच करके उन्हें नेपाल रवाना किया जाएगा और मालगाड़ियों के सामान को चेक कर सील लगाया जाएगा। जिसे सोनौली पहुंचने पर कस्टम चौकी के इंस्पेक्टर सील चेक कर क्लीयरेन्स देंगे। नेपाल से वापस आने पर यात्रियों सहित मालगाड़ियों को एसएसबी की निगरानी से होकर गुजरना होगा। भैरहवां भंसार कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि ट्रेन नेपाल में पहुंचने पर नेपाल कस्टम के इंस्पेक्टर यात्रियों और सामानों की जांच कर आगे के लिए रवाना करेंगे।
सोनौली के स्थानीय व्यापारियों सहित कई सामाजिक संगठनों ने सोनौली से भैरहवा रेलवे लाइन की बनने की जानकारी होने पर खुशी जताई है। सोनौली नगर पंचायत अध्यक्ष पति सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि सोनौली की जनता को भी इससे फायदा होगा। भारत और नेपाल की यात्रा कर सकते हैं।
व्यापार मंडल तहसील अध्यक्ष सहित कई लोगों ने खुशी जताते हुए बताया कि इससे भारत और नेपाल के संबंध और मजबूत होंगे। यहां रोजगार बढ़ेगा, पर्यटन के लिए यह बहुत ही सार्थक पहल है। लुम्बिनी में यात्री सीधे पहुंच सकेंगे। साथ ही सोनौली और भैरहवा में रेलवे के आने से तमाम लोगों को रोजगार भी मिलेगा। नेपाल के व्यापारियों को कम भाड़े की लागत में सामान पहुंच सकेगा।