नए साल में गोरखपुर के लिए मिलने जा रहे चिड़ियाघर में सांपों का संसार देखना सुलभ हो सकेगा। देश में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के सांपों के अलावा दक्षिण अफ्रीका समेत कुछ अन्य देशों से भी कुछ सांपों को मंगाने की तैयारी है। दक्षिण अफ्रीका से इसे मंगाने के लिए विभागीय तैयारी शुरू कर दी गई है।
गोरखपुर चिड़ियाघर में 58 से ज्यादा प्रजाति के 387 वन्य जीव-जंतु रखे जाएंगे। इनमें विभिन्न प्रकार के पक्षियों के अलावा बब्बर शेर, बाघ, तेंदुआ, गैंडा, जेब्रा, दरियाई घोड़ा, लकड़बग्घा, भेड़िया, दो प्रजाति के भालू, तीन प्रजाति के बंदर, छह प्रजातियों के हिरण के अलावा घड़ियाल और मगरमच्छ भी रखे जाएंगे।
इसके अलावा तितली पार्क, मछलियों के एक्वेरियम आदि भी रखे जाएंगे। इन सभी में आकर्षण का केंद्र होगा स्नेक हाउस, यानी सांपों का घर। इसमें देश के विभिन्न प्रजातियों के सांपों के अलावा विदेशों से भी सांपों को मंगाने की तैयारी है। इनमें वाइपर, पिट वाइपर, किंग कोबरा, करैत, धामिन, अजगर आदि शामिल हैं।
देश की विभिन्न प्रजातियों के सांपों के अलावा विदेशों से भी मंगाने की तैयारी हो रही है। इनकी लिस्ट तैयार हो चुकी है। इनमें वाइपर, पिट वाइपर समेत अन्य कई प्रजातियों के सांप शामिल हैं। साउथ अफ्रीका आदि देशों से भी कुछ सांप मंगाए जाएंगे। विभागीय स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू की गई है। अजगर तो यहां रखा जाएगा। साथ ही जो भी अजगर सांप आसपास के इलाकों में पकड़े जाएंगे, उन्हें भी यहीं रखेंगे।
-संजय कुमार मल्ल, सहायक वन संरक्षक