गोरखपुर विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो रही हैं। सोमवार को विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने सचल दस्ते के समन्वयकों के साथ बैठक कर परीक्षा को नकलरहित कराने का निर्देश दिया है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं विश्वविद्यालय परिसर समेत 424 परीक्षा केंद्रों पर होगी। इसमें 3.25 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। नकलरहित परीक्षा कराने के लिए विश्वविद्यालय ने सचल दस्तों की नियुक्ति की है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 10 समन्वयक बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने सचल दस्ते के सभी समन्वयकों के साथ बैठक की।
परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रो. विनोद कुमार सिंह, डॉ. सुधाकर लाल श्रीवास्तव, डॉ. इंद्रासन प्रसाद, डॉ. बृजेश कुमार पांडेय, डॉ. धीरेंद्र सिंह, डॉ. समरेंद्र बहादुर शर्मा, डॉ. विजय प्रताप उपाध्याय, डॉ. मैथिली रमन प्रसाद सिंह, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. राजेश कुमार सिंह को सचल दस्तों का समन्वयक बनाया गया है। ये सचल दस्ते विश्वविद्यालय परिसर, गोरखपुर शहर और ग्रामीण इलाकों, गोरखपुर दक्षिणी क्षेत्र, देवरिया दक्षिणी क्षेत्र के अलावा देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, महराजगंज और सिद्धार्थनगर जनपदों में से किसी एक क्षेत्र में प्रतिदिन जांच करेंगे।
केंद्रीय उड़ाका दल समन्वयक प्रो. एसके दीक्षित सुबह 5 बजे से 6:30 बजे के बीच निरीक्षण क्षेत्र की जानकारी दी जाएगी। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि नकलरहित परीक्षाओं के संपन्न कराने में किसी भी आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सचल दस्तों के समन्वयकों के कार्यक्षेत्र को प्रतिदिन बदलने का निर्णय लिया है। कहा कि सभी क्षेत्रीय समन्वयकों को सुबह मोबाइल ऑन रखना अनिवार्य है।
विश्वविद्यालय परिसर में नहीं ले जा सकेंगे वाहन
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंता प्रो. सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि परीक्षार्थियाें को अपने वाहन को स्टैंड में ही जमा करना होगा। इसके साथ ही किसी भी प्रकार का मोबाइल, कैलकुलेटर, बैग या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।