मारपीट की घटना के बाद छात्रों से पूछताछ करती पुलिस।
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वर्चस्व को लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी में तड़तड़ाई गोलियाें की छानबीन तेज हो गई है। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से आई कार्ड की सख्ती दोहराई गई है। गार्ड को भी स्पष्ट आदेश दे दिया गया है कि बिना आई कार्ड के किसी को भी एंट्री न दे। आई कार्ड न होने की दशा में छात्रों को फीस रशीद दिखानी होगी। चीफ प्रॉक्टर ने सीओ कैंट व इंस्पेक्टर से बात कर रात में हॉस्टल में पेट्रोलिंग कराने को भी कहा है, ताकि कोई अराजकता न हो पाए।
बता दें कि शनिवार को छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए थे। पहले यूनिवर्सिटी कैंपस तो फिर हॉस्टल में मारपीट हुई थी, जिसमें दो छात्र घायल हो गए थे। वहीं दहशत फैलाने के लिए दोनों ही ओर से गोलियां भी चलाई गई थीं। इस पूरी घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित छात्रों की तहरीर पर दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन दूसरे गुट की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास भी न तो किसी छात्र ने कोई शिकायत की है और न ही जिम्मेदार वार्डेन, सुप्रीटेंडेंट ने कोई शिकायत की है।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. सतीश चंद पांडेय ने बताया कि बिना आई कार्ड किसी को भी एंट्री नहीं दी जाएगी। आई कार्ड न होने पर फीस की रशीद दिखानी होगी। वाहन भी स्टैंड में खड़े कराए जाएंगे। पुलिस ने इस मामले में सत्यवंत, सुमित राय, प्रवीण सिंह उर्फ जुगनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
छात्रों की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- ओम हरि वाजपेयी, इंस्पेक्टर कैंट