एसबीआई के एटीएम के बाहर रकम निकालने कतार में खड़े लोग।
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नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम की स्थिति बदहाल है। बैंकों में जहां लाइन लग रही है वहीं एटीएम से लोगों को मायूस लौटना पड़ रहा है। नोटबंदी के 19वें दिन भी एटीएम पर कमोवेश यही स्थिति रही। हालांकि एसबीआई और एचडीएफसी के एटीएम ने लोगों का थोड़ा साथ दिया।
शनिवार और रविवार दो दिन बैंक बंद होने से पहले दिन ही शाम तक एटीएम खाली हो गए। रविवार को भी लोगों को एटीएम से निराश लौटना पड़ा। हालांकि कुछ हद तक एसबीआई और एचडीएफसी के एटीएम से लोगों को रकम मिली। दोनों बैंकों की मुख्य शाखाओं के पास लगाए गए एटीएम से लोग रुपये निकालने में सफल रहे।
जहां थे नोट वहां नेटवर्क और बैट्री ने दिया धोखा
रविवार को एचडीएफसी के कुछ एटीएम ने लोगों को परेशान भी किया। बैट्री की खराबी की वजह से कहीं एटीएम में नोट होने के बाद भी लोगों ने लाइट आने का इंतजार किया तो कभी नेटवर्क की खराबी से उपभोक्ता बाहर इंतजार करते रहे। रविवार को सेंट एंड्रयूज कॉलेज परिसर स्थित एटीएम में सुबह से ही लोगों ने लाइन लगा रखी थी। काफी संख्या में लोगों ने रुपये भी निकाले, लेकिन दोपहर बाद लाइट कट जाने से एटीएम ने काम करना बंद का दिया। कुछ देर के बाद जब लाइट आई तो सर्वर ने दगा दे दिया।
आरबीआई से नहीं मिली रकम
एसबीआई के एजीएम अमर सिंह का कहना है कि देर शाम तक आरबीआई से रकम नहीं मिल सकी। ऐसे में सोमवार को दोपहर बाद ही स्थिति सामान्य हो सकेगी। शनिवार और रविवार को पहले से मौजूद करेंसी से किसी तरह काम चलाया गया। कल अगर आरबीआई से करेंसी आती है तो दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो सकेगी। उधर, लीड बैंक मैनेजर आरके सिंह ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा को शनिवार शाम 40 करोड़ रुपये मिले थे। यह करेंसी चार बैंकों के बीच बांटी जानी है। ऐसे में कल सुबह से ही कुछ बैंकों और एटीएम की स्थिति सामान्य रहेगी।