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गोरखपुर में पुलिसकर्मियों को दी गईं इंसास व एसएलआर, 1600 थ्री नॉट थ्री हो गईं रिटायर

Thu, 12 Dec 2019 11:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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गोरखपुर में अब पुलिसकर्मी थ्री नॉट थ्री रायफल की बजाए इंसास और एसएलआर से लैस नजर आएंगे। 162 साल तक पुलिस की पहचान रहीं थ्री नॉट थ्री रायफल के पुलिस सेवा से बाहर होने के बाद जिले की करीब 1600 रायफलों को भी रिटायर कर दिया गया। इन्हें बुधवार को पुलिस लाइंस में जमा करवा दिया गया।
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बीते दिनों शासन ने इस आशय का पत्र लिखकर सभी जिले के कप्तानों से तस्दीक की थी कि वर्तमान में उनके यहां किसी थाने में 303 गन का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा। जिलों से रिपोर्ट में तो बंदूक का इस्तेमाल न होना ही बताया गया था। साथ ही सभी को 11 दिसंबर तक थ्री नॉट थ्री को हर हाल में पुलिस लाइंस में जमा कराने का आदेश दिया गया था। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस लाइंस में 1600 थ्री नॉट थ्री बंदूकें जमा कराईं गईं।

ट्रेनिंग से भी बाहर हो गई है थ्री नाट थ्री
थ्री नॉट थ्री (303 बोर) रायफल के स्थान पर पुलिस अब इंसास रायफल और एसएलआर का इस्तेमाल कर रही है। पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण से भी थ्री नॉट थ्री रायफल को बाहर किया जा चुका है। अब इंसास रायफल की ही ट्रेनिंग दी जा रही है।
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इसी रायफल से लड़ा था चीन युद्ध

थ्री नॉट थ्री रायफल वर्ष 1857 में अस्तित्व में आई थी। वर्ष 1962 में भारतीय सैनिकों ने इसी रायफल से चीन युद्ध लड़ा था। सत्तर के दशक में इसे परिष्कृत कर सेमी ऑटोमेटिक बनाया गया। इसमें मैग्जीन लगाकर एक के बाद एक छह फायर करने की क्षमता विकसित गई। लेकिन वर्तमान में अपराधियों के आधुनिक हथियारों से मुकाबला करने में 303 अक्षम साबित हो रही थी। इस रायफल को प्रदेश के सभी जिलों के पुलिसकर्मियों के कंधों से उतारने का फैसला दो साल पहले ही लिया गया था। प्रदेश के कुछ जिलों के शहरी थानों से इन रायफलों को रिटायर भी कर दिया गया पर देहात में उनका वजूद कायम था।

जिले में करीब 1600 थ्री नॉट थ्री रायफल इस्तेमाल हो रही थी। बुधवार को सभी थानों से इस श्रेणी के असलहे जमा कराए गए हैं। इसकी जगह पर इंसास या एसएलआर जैसे आधुनिक असलहे दिए जा रहे हैं। हालांकि ज्यादातर थानों पर पहले से ही इस तरह के असलहे दिए गए थे। अब पूरी तरह से सिर्फ आधुनिक असलहों का इस्तेमाल होगा।
- उमेश कुमार दुबे, आरआई
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