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सर! रिस्पांस टाइम में हम पीछे, बढ़ाई जाएं डॉयल 100 की गाड़ियां

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सर! रिस्पांस टाइम में हम पीछे, बढ़ाई जाएं डॉयल 100 की गाड़ियां
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गोरखपुर। दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन बुधवार को जिले के नोडल अफसर व प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार ने एनेक्सी भवन में पुलिस व प्रशासन समेत सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता ने डॉयल 100 पीआरवी गाड़ियां बढ़ाने की मांग की।
उन्होंने बताया कि जिले का औसत रिस्पांस टाइम 10.56 मिनट है। यह शहरी क्षेत्र में 9.35 मिनट और ग्रामीण क्षेत्र में 11.45 मिनट है। फिर भी जिला रिस्पांस टाइम में 25 से 27वें पायदान के बीच में हैं। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में रिस्पांस टाइम में काफी सुधार आया है। पहले जिला 70 या उससे भी अधिक नंबर पर था।
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एसएसपी ने पुलिस कर्मियों और चालकों की संख्या भी बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने दलील दी कि मुख्यमंत्री का गृह जनपद होने की वजह से वीआईपी मूवमेंट ज्यादा होते हैं। ऐसे में आस-पास के जिलों से 300 से अधिक पुलिसकर्मी बुलाने पड़ते हैं। नोडल अफसर ने आश्वस्त किया कि वे इस समस्या के संबंध में शासन से वार्ता करेंगे। गाड़ियाें और पुलिसकर्मियों की कमी दूर की जाएगी।
दलालों की सूचनाएं दें, उजागर नहीं होगा नाम
गोरखपुर। प्रमुख सचिव की समीक्षा बैठक के दौरान ही एसएसपी ने विभिन्न विभागों के अफसरों से अपील की कि वे दलालों और माफियाओं की सूचना पुलिस से साझा करें । विश्वास दिलाते हुए कहा कि यकीन रखें, सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
एसएसपी ने बताया कि जिले में सफेदपोश माफि या, भू- माफि या, ठेकेदार माफि या, खनन माफि या, परिवहन माफि या, राशन माफिया, वन माफि या आदि की सूची तैयार की जा रही है। तमाम लोग अस्पताल, आरटीओ और सरकारी दफ्तरों आदि में दलाली कर लोगों की गाढ़ी कमाई खा रहे हैं और शासन, प्रशासन को बदनाम कर रहे हैं। डीएम ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को शिकंजा कसना जरूरी है, जो सभी के सहयोग से ही संभव है।
अवैध खनन रोकें, समय से पूरा कराएं परियोजनाएं
गोरखपुर। एनेक्सी सभागार में सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा के दौरान नोडल अफसर व प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार ने निर्देश दिए कि अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाए। इसमें संलिप्त सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, किसी को भी बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं समय से पूरी की जाएं। उनकी गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई दिक्कत आए तो उन्हें शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए ताकि उसका जल्द निस्तारण कर समय से काम पूरा कराया जाए।
उन्होंने सड़कों को हर हाल में 30 तक गड्ढामुक्त करने के मुख्यमंत्री के निर्देशों पर शत प्रतिशत अमल करते हुए समय से काम पूरा कराने का निर्देश दिया। इस कार्य में लापरवाही पर उन्होंने जिला पंचायत के अफसरों पर नाराजगी जताई। इसी तरह उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को गोल्डन कार्ड जल्द से जल्द वितरित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र लाभार्थी शासकीय योजनाओं से वंचित नही होना चाहिए।
वहीं, स्वच्छ पेयजल योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने बाकी बची सभी परियोजनाएं पूरी करने के साथ ही 10 दिसंबर तक नहरों में पानी पहुंचाने को कहा। बिजली निगम के अधिकारियों ने अंडरग्राउंड केबिल डालने के लिए धन की मांग के साथ ही ओटीएस योजना में लाभार्थियों की ओर से दो किश्तें नहीं जमा होने पर योजना का लाभ न मिलने के नियम में भी थोड़ी छूट देने की मांग की। बैठक का संचालन डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने किया।
ओडीओपी में हैंडलूम-टेक्सटाइल शामिल करने को तलाशें संभावना
नोडल अफसर ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत हैंडलूम और टेक्साइटल को भी शामिल किए जाने की संभावनाएं तलाशी जाएं। कहा कि टेराकोटा लाभार्थियों को कई सुविधाएं दी जा रही है।
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मगर अब ज्यादा से ज्यादा लोगों को भी इस योजना के तहत स्वरोजगार देने के लिए प्रयास किया जाना जरूरी है। उन्होंने जिला उद्योग विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह टेराकोटा के अलावा अन्य प्रोडक्ट की संभावनाओं पर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार कर शासन को दें।
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