आज आएंगे एलएमआरसी के निदेशक व मुख्य अभियंता
गोरखपुर। मेट्रो के निर्धारित रूट पर फोरलेन निर्माण में आ रही बाधा को चिह्नित करने के साथ ही उसके निदान के विकल्प तलाशने के लिए गुरुवार को लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन (एलएमआरसी) के निदेशक कुमार केशव और मुख्य अभियंता रवि जैन गोरखपुर आएंगे। ये अफसर जीडीए, एनएच और लोनिवि के अफसरों के साथ मेट्रो रूट का निरीक्षण कर उसके नतीजे प्रदेश के प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार से साझा करेंगे। प्रमुख सचिव 30 अगस्त को शहर आएंगे। वह भी मेट्रो रूट का निरीक्षण कर फोरलेन निर्माण से जुड़ी समस्या पर संबंधित अफसरों के साथ चर्चा करेंगे।
4100 करोड़ की लागत से दो बोगियों वाली गोरखपुर मेट्रो दो रूट पर दौड़ेगी। इनमें से एक रूट श्याम नगर से दिव्य नगर पर ही जंगल कौड़िया-मोहद्दीपुर फोरलेन का निर्माण हो रहा है। मोहद्दीपुर से गुरुंग तिराहे तक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि गुरुंग तिराहे से सूबा बाजार तक भी फोरलेन का निर्माण चालू है। गोरखपुर मेट्रो पिलर पर दौड़ेगी। पिलर का चौड़ाई तो करीब दो मीटर ही होगी मगर उसकी बुनियाद के लिए करीब छह मीटर की जगह चाहिए। प्रत्येक पिलर के बीच 27 मीटर की दूरी प्रस्तावित है। ऐसे में एलएमआरसी और यहां के विभिन्न विभागों के अफसर यह मंथन करेंगे कि क्या विकल्प निकाला जाए जिससे नुकसान कम हो। टीम दो विकल्पों पर विचार कर सकती है पहला यह कि मेट्रो का पिलर तैयार होने तक फोरलेन का निर्माण रोके रखा जाए या फिर जहां-जहां मेट्रो के पिलर बनने हैं वहां कम लागत वाली तारकोल की सड़क बनाई जाए जबकि बाकी हिस्सा सीसी ही रहेगा।