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स्वतंत्रता दिवस पर महिला कैदी समेत दो होंगे रिहा

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स्वतंत्रता दिवस पर महिला कैदी समेत छह होंगे रिहा
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गोरखपुर। स्वतंत्रता दिवस के दिन मंडलीय कारागार से एक महिला कैदी सहित छह कैदियों को रिहा किया जाएगा। साथ ही देवरिया जेल से एक और महराजगंज जेल से तीन कैदी रिहा किए जाएंगे। इनकी सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन जुर्माना न भर पाने की वजह से ये अतिरिक्त सजा काट रहे हैं। शासन से निर्देश मिलने के बाद इनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जेल सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर मंडलीय कारागार से रिहा होने वाले कैदियों में कुशीनगर के खड्डा निवासी ओमप्रकाश की पत्नी रानी वर्मा, देवरिया के गौरीबाजार निवासी योगेंद्र गुप्ता, बेलीपार के जुड़ापार निवासी फरेंद्र निषाद, देवरिया के मदनपुर निवासी अभिषेक कुमार सिंह, तिवारीपुर के गुलाब मुस्तफा और गोंडा के बेलिया निवासी दिनेश तिवारी शामिल हैं। देवरिया जेल से रामआशीष और महराजगंज जेल से बलकू, सूर्यभान और नारायण बहादुर को रिहा किया जाएगा। हालांकि जेल प्रशासन की ओर से इस बारे में अभी सूचना नहीं दी गई है।
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गोरखपुर जेल से रिहा होने वालों पर इतना था जुर्माना
योगेंद्र को आरपीएफ कोर्ट से सात हजार के जुर्माने की सजा 10 जुलाई 2019 को हुई थी। जुर्माना न भर पाने से वह जेल में है। रानी को 24 नवंबर 2014 को दस वर्ष की सजा हुई थी। 16 हजार रुपये जुर्माना न भर पाने के कारण वह 25 जुलाई 2019 से जेल में अतिरिक्त सजा काट रही हैं। वहीं फरेंद्र पांच सौ रुपये जुर्माना न भर पाने के कारण 5 अगस्त 2019 से, अभिषेक एक हजार जुर्माना न दे पाने पर 6 अगस्त 2019 से, गुलाब मुस्तफा दो हजार जुर्माना न भर पाने में 3 अगस्त 2019 और दिनेश तिवारी 9500 रुपये जुर्माना न भर पाने की वजह से जेल में सजा पूरी करने के बाद अतिरिक्त सजा काट रहे हैं। चोरी, आर्म्स एक्ट, आरपीएफ एक्ट, एनडीपीएस एक्ट में दोषी पाए जाने पर इन्हें सजा हुई थी।
जेल में बंद भाइयों को बहने बांधेंगी राखी
गोरखपुर। हर वर्ष की भंाति इस बार भी बहने जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधेगी। इसके लिए जेल प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर लीं हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सुबह से ही बहनों को जेल में आकर अपने भाइयों को राखी बांधने की इजाजत मिलेगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। जेल प्रशासन की ओर से मिठाई आदि की व्यवस्था की गई है। वहीं जेल में बंद महिला कैदी भी अपने भाइयों को राखी बांधेगी।
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हर साल स्वतंत्रता दिवस पर रिहा होते हैं कुछ कैदी
स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, गांधी जयंती पर हर वर्ष प्रदेश की जेलों से कुछ कैदियों को रिहा किया जाता है। रिहा होने वालों में ऐसे कैदी होते हैं जो सजा पूरी करने के बाद भी जुर्माना न भर पाने, जमानतदार न दे पाने के कारण रिहा नहीं हो पाते। साथ ही ऐसे कैदियों को भी रिहा किया जाता है जिनकी उम्र अधिक हो जाती है या जो लंबे समय से बीमार होते हैं।
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