मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रभु राम का वनवास 14 साल में खत्म हो गया था, जबकि इन वनटांगियों का वनवास खत्म होने में सौ साल लग गए। दरअसल, असली दिवाली आज इन लोगों की है जिन्हें सरकार की तरफ से दी जाने वाली सभी सुविधाएं मिलने लगी हैं।
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मुख्यमंत्री रविवार को वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया में दिवाली मनाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जातिवाद की राजनीति करने वाले लोगों की नजर इन गरीबों पर कभी नहीं पड़ी। यह सभी लोग अनुसूचित जाति और अति पिछड़े समाज से आते हैं।
आज उनकी सरकार बिना भेदभाव के कार्य करती है। सरकार की कोशिश है कि हर योजना उस गरीब तक पहुंचे जो उसका हकदार है।
उन्होंने कहा कि जातीय व मजहबी राजनीति करने वालों के शासन में पर्व और त्योहार संकट बन जाते थे, जबकि इन त्योहारों ने मानवता का मार्ग प्रशस्त करने की प्रेरणा दी।
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अयोध्या की दिवाली मनाने के बाद वह यहां पर आए हैं। आजादी के बाद पहली बार ऐसे 38 गांवों को राजस्व गांव का दर्जा दिया, जिसके लिए यहां के लोग लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ढाई साल पहले इन गांवों में झोपड़ी हुआ करती थी। कोई पक्का मकान नहीं होता था। न तो किसी के पास राशनकार्ड होता था न ही आधार कार्ड। बिजली तो बड़ी चीज थी। जाति की राजनीति करने वालों के एजेंडे में गरीब, किसान, महिलाएं बच्चे थे ही नहीं।
आज यहां पर हर किसी को प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री आवास दिया गया है। सभी का राशनकार्ड बना है, वृद्धा, विधवा, विकलांग पेंशन के अलावा सरकार की सभी योजनाएं जरूरतमंदों को मिल रही हैं। योगी ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से बेटी-बेटे का फर्क खत्म किया।
अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का पर्व दिवाली: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पर्व और त्योहार घर तक सीमित नहीं रहने चाहिए। यह सामूहिकता का प्रदर्शन है। इसे सभी लोग मिल कर मनाते हैं। कहा कि हम सबके जीवन में दिवाली का महत्व, अंधकार से प्रकाश, अन्याय से न्याय, असत्य से सत्य, बुराई से अच्छाई की तरफ जाने का पर्व है।
अच्छाई की सबसे आदर्श व्यवस्था यहीं से विकसित हुई है। 15 साल पहले यहां के लोगों का शोषण पुलिस व वन विभाग करता था। देश में आजादी थी पर वनटांगिया गुलाम थे। कहा कि दिवाली का उत्सव सबके लिए विशेष है। अब आप सबके साथ मिलकर रामराज्य की परिकल्पना साकार करेंगे।
वनटांगियों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने गांव पहुंचकर महिलाएं व बुजुर्गों से बात की और उनका हाल जाना। सभी से आवास व अन्य सरकार की सुविधाएं मिलने की जानकारी ली। कार्यक्रम समापन के बाद मुख्यमंत्री सांसद जगदंबिका पाल व अन्य जनप्रतिनिधियोें के साथ गांव के अंदर पहुंचे। सबसे पहले मुख्यमंत्री ने हरिश्चंद्र के दरवाजे पर दस्तक दी। दिव्यांग हरिश्चंद्र ने सीएम का अभिवादन किया।
सीएम ने उनसे आवास, शौचालय, बिजली, पानी के बारे में जानकारी ली। यही सब दूसरे गांवावालों से भी सीएम ने पूछा। सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की बात कही।