बेटे की पढ़ाई की खातिर मां ने छोड़ी सरकारी नौकरी
हिमांशु की कामयाबी में मां रूपा सिंह का अहम योगदान है। रूपा ने तीन बार नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) उत्तीर्ण किया है। साथ ही केंद्रीय विद्यालय संगठन की प्रतियोगी परीक्षा को पास कर शिक्षक बनीं। लेकिन हिमांशु की पढ़ाई व देखरेख के लिए केंद्रीय विद्यालय की नौकरी छोड़ दी। वह इस वक्त बेटे के साथ नई दिल्ली में हैं। हिमांशु ओलंपियाड की तैयारी में लगे हैं।
भाई भी पढ़ाई में अव्वल
हिमांशु के छोटे भाई अंशुमान भी पढ़ाई में अव्वल हैं। वह एकेडमिक हाइट्स जंगल धूसड़ में कक्षा 10वीं के छात्र हैं। कॉलेज प्रबंधक संजीव ने बताया कि अंशुमान भी पढ़ाई में ध्यान लगाते हैं। बड़े भाई की तरह वह भी कामयाबी की इबारत लिख सकते हैं।
केमिस्ट्री ओलंपियाड के ऑल इंडिया टॉपर हैं हिमांशु
17 वर्षीय हिमांशु गौरव केमिस्ट्री ओलंपियाड के ऑल इंडिया टॉपर हैं। जल्द ही वह होमी भाभा रिसर्च सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इसके बाद विश्व स्तर पर होने वाले ओलंपियाड में हिमांशु भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। हिमांशु फिजिक्स और मैथ ओलंपियाड में भी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं।